Raipur Crime: छोटी तस्करी के बाद गांजे की बड़ी खेप ले जाते गिरफ्तार, पुलिस से बचने बिना मोबाइल के सफर

Raipur Crime: गांजे की छोटी-छोटी तस्करी करने के बाद चार युवकों बड़ी तस्करी की प्लानिंग की और ओडिशा-जगदलपुर से रायपुर होकर 91 किलो से अधिक (कीमत करीब 12 लाख रुपए) गांजा लेकर बिलासपुर की ओर जा रहे थे।

By: Ashish Gupta

Published: 13 Oct 2021, 11:55 PM IST

रायपुर. Raipur Crime: गांजे की छोटी-छोटी तस्करी करने के बाद चार युवकों बड़ी तस्करी की प्लानिंग की और ओडिशा-जगदलपुर से रायपुर होकर 91 किलो से अधिक (कीमत करीब 12 लाख रुपए) गांजा लेकर बिलासपुर की ओर जा रहे थे। इस बीच सभी को रायपुर पुलिस ने धरदबोचा। आरोपी इतने शातिर थे कि किसी ने अपने पास मोबाइल नहीं रखा था। पुलिस ने चारों युवकों को नारकोटिक एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

पुलिस के मुताबिक गौरेला-पेंड्रा-मरवाही निवासी राकेश राठौर, विधानसभा के आमासिवनी का संजय वर्मा, कृष्णा साहू और धनंजय वर्मा कुछ समय से कम मात्रा में गांजा की तस्करी करते थे। इस बीच बिलासपुर से चारों के पास गांजे की बड़ी डिमांड आई। इसे पूरा करने के लिए चारों ओडिशा के कोरापुट पहुंचे।

वहां के गांजा सप्लायर से 91 किलो 590 ग्राम गांजा अपनी कार सीजी 04 एलई 0585 में भरकर बिलासपुर ले जा रहे थे। इससे पहले रायपुर पहुंचने पर विधानसभा टर्निंग के पास पुलिस ने घेराबंद करके चारों को पकड़ लिया। कार की तलाशी लेने पर अलग-अलग 19 पैकेटों में रखा गांजा बरामद हुआ। चारों के खिलाफ विधानसभा पुलिस ने नारकोटिक एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया। चारों को जेल भेज दिया गया।

कहां से और किसके लिए ले जा रहे थे?
पुलिस ने तगड़ी घेराबंदी करके चारों आरोपियों को पकड़ लिया है, लेकिन किस व्यक्ति से गांजा लिया और किसको देने जा रहे थे? इसका खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस ने पूछताछ के बाद सभी को जेल भेज दिया है। पूछताछ में आरोपियों खरीदने और बेचने वालों के बारे में पुलिस को भी कुछ भी बताने से इनकार कर दिया है। जब्त गांजा 12 लाख 32 हजार 720 रुपए की है।

पुलिस को मोबाइल भी नहीं मिला
विधानसभा पुलिस का दावा है कि आरोपियों के पास एक भी मोबाइल नहीं मिला है। अगर मोबाइल मिला होता, तो उससे गांजा तस्करी के दूसरे नेटवर्क का पता चल जाता। उल्लेखनीय है कि चारों आरोपी ओडिशा से गांजा लेकर रायपुर पहुंचे और फिर यहां से बिलासपुर की ओर जा रहे थे। इतना लंबा सफर फिर भी उनके पास मोबाइल नहीं मिला।

Ashish Gupta
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