आधार से नहीं जुड़े राशन कार्ड, 1 लाख 60 हजार लोगों का राशन अधर में

केंद्र की सख्त हिदायत के बावजूद अब तक काम नहीं हुआ पूरा

31 मार्च के बाद राशन मिलने में हो जाएगी दिक्कत

By: VIKAS MISHRA

Published: 19 Mar 2021, 06:59 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बावजूद 1 लाख 60 हजार लोगों के राशन पर संकट मंडरा सकता है। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक प्रदेश के सभी राशन कार्ड को आधार से जोड़ा जाना हैं। इसकी अंतिम तिथि 31 मार्च तय की गई है। इसके बाद भी प्रदेश में 1लाख 60 हजार 936 लोगों का राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं हो सका है।
प्रदेश में वर्तमान में 6 प्रकार के राशन कार्ड प्रचलन में है। इसमें अंत्योदय कार्ड के 14 लाख से लोग जुड़े हुए हैं। निराश्रित कार्ड में 38 हजार 537, अन्नपूर्णा कार्ड में 6088, प्राथमिकता कार्ड में 43 लाख से अधिक, निशक्तजन कार्ड में 10 हजार 802 और सामान्य परिवार कार्ड में 9 लाख 53 हजार लोग जुड़े हुए हैं। इनमें से 85.19 फीसदी का कार्ड सत्यापित हो चुका है। यानी परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड राशन कार्ड से जुड़ चुका है। इसके बाद भी अभी बहुत से राशन कार्डो का जुडऩा बाकी है। आधार से राशन कार्ड के नहीं जोडऩे पर इन पर राशन का संकट आना तय माना जा रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार 3 महीने के लिए तिथि और बढ़ा सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा दुकानें
प्रदेश में राशन के वितरण के लिए शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का संचालन किया जा रहा है। खास बात यह है कि शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानों की संख्या बहुत अधिक है। वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में 1418 राशन दुकान और ग्रामीण क्षेत्रों में 11 हजार 351 दुकानों का संचालन हो रहा है।
आधार कार्ड बनने का काम भी हुआ धीमा
एक समय में आधार कार्ड बनने के लिए जगह- जगह पर शिविर का आयोजन किया गया था।इसके बाद भी बहुत से लोगों का आधार कार्ड अब तक नहीं बन सका है। सूत्रों का कहना है कि जिन का आधार नहीं बन पाया है वही अब तक राशन कार्ड को आधार से नहीं जोड़ सके हैं। अब आधार बनाने के लिए शिविर लगने का काम भी लगभग बंद हो गया है। इसका असर भी दिखाई दे रहा है।
आदिवासी क्षेत्रों में ज्यादा असर
सरकारी आंकड़ों पर यदि गौर करें तो यह बात सामने आ रही है कि आदिवासी क्षेत्रों में राशन कार्ड आधार कार्ड से कम जुड़े हैं। नक्सल प्रभावित जिला सुकमा में करीब 91 फीसदी राशन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ा जा सकता है। लगभग यही स्थिति बीजापुर और दंतेवाड़ा की भी है। जबकि मैदानी क्षेत्रों में राशन कार्ड को आधार से जोडऩे का प्रतिशत 99 से अधिक है। जशपुर में तो 99.95 फीसदी लोगों के राशन कार्ड आधार से जुड़ चुके हैं।

राशन कार्ड को आधार से लिंक करने का काम लगातार किया जा रहा है। जो लोग छूटे है उनका भी राशन कार्ड आधार से लिंक किया जाएगा। उम्मीद है कि केंद्र तारीख में वृद्धि करेगी।
मनोज कुमार सोनी, विशेष सचिव खाद्य विभाग

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