कमल विहार में RDA ने किया काम बंद, कहा-कानूनी सलाह के बाद शुरू होगा काम

कमल विहार में RDA ने किया काम बंद, कहा-कानूनी सलाह के बाद शुरू होगा काम

Deepak Sahu | Publish: Mar, 17 2019 11:04:33 AM (IST) Raipur, Raipur, Chhattisgarh, India

रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) का प्रोजेक्ट कमल विहार एक बार फिर कानूनी उलझन में फंस चुका है

रायपुर. रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) का प्रोजेक्ट कमल विहार एक बार फिर कानूनी उलझन में फंस चुका है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टे आर्डर जारी करने के बाद आरडीए ने कमल विहार में काम पर रोक लगा दी है। इस मामले में आरडीए के अधिकारियों ने कहा कि अभी तक हमे सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर नहीं मिला है। ऑर्डर मिलते ही कानूनी सलाहकारों से बात की जाएगी, जिसके बाद इस मामले पर जबाव पेश किया जाएगा।

आरडीए के अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार के पर्यावरण विभाग से कमल विहार को पर्यावरणीय अनुमति मिल चुकी है, जिसके बाद कमल विहार में काम शुरू किया गया। इस मामले को लेकर बीते वर्ष कुछ लोगों ने आपत्ति करते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका लगाई, जिसके बाद एनजीटी ने राज्य पर्यावरण विभाग के एनओसी के मद्देनजर कमल विहार पर आपत्तियां खारिज कर दी थी। इसके बाद याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं ने कमल विहार प्रोजेक्ट पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति नहीं लिए जाने की दलील पेश करते हुए प्रोजेक्ट पर रोक लगाने की मांग की, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रोजेक्ट पर स्टे आर्डर दिया है।

 

पर्यावरणीय संरक्षण के मिल सकते हैं निर्देश
कमल विहार के मामले में आरडीए को पर्यावरण संरक्षण के दिशा-निर्देश मिल सकते हैं, वहीं कमल विहार के निर्माण से लेकर अब तक पर्यावरणीय नुकसान को लेकर भी जबाब मांगा जा सकता है। पर्यावरणीय संरक्षण को लेकर आरडीए को कमल विहार में दोगुना काम करना पड़ सकता है। वर्तमान में सिटी पार्क के अलावा कोई भी गार्डन विकसित नहीं किया जा सका है, जबकि 15 अलग-अलग सेक्टर में 15 से 20 छोटे-बड़े गार्डन का प्रावधान किया गया है।

कमल विहार- 1600 एकड़
निवेशक- आवंटिती- लगभग 14000
सेक्टर-15
जमीन मालिक- 7000
फ्लैट मालिक- 8200

कमल विहार में 14 हजार ग्राहक
आरडीए के इस प्रोजेक्ट कमल विहार में ग्राहकों की संख्या 14 हजार है। इसमें 7000 जमीन मालिक है, वहीं 8200 लोगों को फ्लैट आवंटित किया गया है। 1600 एकड़ में टीडीएस-04 के अंर्तगत कमल विहार का निर्माण किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद कमल विहार में निवेश करने वाले निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। आरडीए के आला अधिकारियों का कहना है कि अभी नोटिस की कॉपी मिली नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का पालन किया जाएगा, जवाब भी पेश करेंगे।

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