
रायपुर. भारतीय प्रशासनिक सेवा 1982 बैच के सेवानिवृत अफसर डीएस मिश्रा प्रदेश के पहले सहकारी निर्वाचन आयुक्त बनाए गए हैं। सहकारिता विभाग ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इसी तरह राज्य प्रशासनिक सेवा के 9 अफसरों का नाम भी केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने आईएएस अवार्ड के लिए तय कर दिया है।
प्रदेश में अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे डीएस मिश्रा करीब 17 माह पहले सेवानिवृत हुए थे और पिछले कुछ समय से मंत्रालय में देखे जा रहे थे। उनकी गतिविधियों को देखकर यह अटकलें तेज थी कि वे रियल इस्टेट अथॉरिटी के चेयरमैन बनाए जाएंगे, लेकिन सरकार ने अटकलों को विराम देते हुए उन्हें सहकारी निर्वाचन आयुक्त की कमान सौंप दी है। फिलहाल यह पद मुख्य सचिव के पद के समकक्ष रखा गया है। इस पद पर नियुक्ति की अवधि पांच साल या 65 साल जो होगा वह लागू होगा। मिश्रा को सेवानिवृत हुए 17 माह हो चुके हैं, इसलिए माना जा रहा है कि वे अब इस पद पर साढ़े तीन साल तक रहेंगे।
खेतान 14 को करेंगे ज्वाइन
भारतीय प्रशासनिक सेवा 1987 बैच के अफसर केंद्र में 5 साल की प्रतिनियुक्ति अवधि पूरा करने के बाद वापस लौट रहे हैं। चितरंजन खेतान ने बताया कि वे 13 अगस्त को रायपुर पहुंच जाएंगे और 14 अगस्त मंत्रालय में अपनी ज्वाइनिंग दे देंगे।
माना जा रहा है कि उनकी ज्वाइनिंग के बाद एक छोटा प्रशासनिक फेरबदल हो सकता है। इधर, मध्यप्रदेश में रियल स्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी गठित कर दिए जाने के बाद प्रदेश में भी इस अथॉरिटी के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस अथॉरिटी का चेयरमैने बनने के लिए भी वर्तमान और सेवानिवृत अफसर जुटे हुए हैं। इस दौड़ में भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक वरिष्ठ अफसर एमके राउत का नाम भी चल रहा है।
नौ अफसर बने आईएएस
इधर, 19 जुलाई को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक के बाद केंद्र सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर जितेंद्र शुक्ला,पुष्पा साहू, उमेश मिश्रा, रेमुजियस एक्का, जीवन किशोर ध्रुव, तारनप्रकाश सिन्हा, इफ्फत आरा, संजय अग्रवाल और जन्मजय मोहबे का नाम आईएएस अवार्ड के लिए तय कर दिया है।
Published on:
11 Aug 2017 12:40 pm

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