इनामी माओवादी सीताराम ने किया आत्मसमर्पण, कई वारदात में था शामिल

नक्सली भीम कोड़ाकु के संगठन में था शामिल

By: ramdayal sao

Updated: 27 Feb 2021, 01:53 AM IST

raipur/अंबिकापुर. बलरामपुर पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू के समक्ष भाकपा माओवादी एरिया कमांडर सीताराम घसिया ने आत्मसमर्पण किया है। सीताराम घसिया पर पुलिस द्वारा 25 हजार का इनाम रखा गया था। वह दुर्दांत माओवादी भीम कोड़ाकु के भी संगठन में रह चुका था। शुक्रवार को बलरामपुर पुलिस अधीक्षक ने पत्रवार्ता में बताया कि माओवादी सीताराम घसिया 2003-04 में नक्सली संगठन एमसीसी में शामिल हो गया। वर्ष 2004 में चलगली पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। लेकिन जेल से छूटने के बाद 2005 में नक्सली संगठन भाकपा माओवादी में अपने पत्नी देवंती के साथ शामिल हो गया।
भाकपा माओवादी स्टेट कमेटी सदस्य भीम कोड़ाकु एवं एरिया कमांडर सागर की मृत्यु के पश्चात संगठन द्वारा सीताराम घसिया को चलगली क्षेत्र का एरिया कमांडर एवं देवंती को डिप्टी कमांडर बनाया गया था। वह विभिन्न अपराधों में शामिल रहा। वहीं 2006 सीताराम घसिया, स्टेट कमेटी सदस्य बड़ा विकास एवं अन्य द्वारा तत्कालीन थाना प्रभारी अजितेश सिंह नेतृत्व में निकली गश्त पार्टी पर सोनहरा गोबरा जंगल में घात लगाकर आईईडी ब्लास्ट कर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इसमें निरीक्षक अजितेश सिंह पीठ पर गोली लगने से घायल हुए थे। इस घटना के बाद से सीताराम फरार था जिसका कहीं पता नहीं चल रहा था। उसकी पनी देवंती को सनावल क्षेत्र में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था जो वर्तमान में अपने घर बलरामपुर में निवासरत है। सीताराम पर 25 हजार का इनाम रखा गया था। पुलिस द्वारा लगातार चलाये जा रहे नक्सल विरोध अभियान तथा प्रचार-प्रसार से प्रभावित होकर सीताराम ने शुक्रवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।
भागकर यहां गया था सीताराम
एसपी रामकृष्ण साहू ने बताया कि 2006 की वारदात के बाद सीताराम भागकर झारखंड, बिहार, नेपाल, चीन बॉर्डर और फिर यहां से असम चला गया था। उसके खिलाफ चलगली थाने में 6 व बलरामपुर में 1 अपराध में कुल 7 स्थायी वारंट जारी हुआ है।

ramdayal sao Desk
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