इस साल पड़ सकती है कड़ाके की ठंड, आईएमडी के महानिदेशक ने बताई बड़ी वजह

इस साल ला नीना की स्थिति के कारण कड़ाके की ठंड पड़ सकती है
भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने दी जानकारी
नवम्बर में शीत लहर का पूर्वानुमान भी जारी करता है आईएमडी

By: ramendra singh

Published: 14 Oct 2020, 06:56 PM IST

रायपुर . इस साल छत्तीसगढ़ और देश के उत्तर भारत के कई राज्यों में ला नीना की स्थिति के कारण कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। यह जानकारी बधुवार को भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने दी। उन्होंने कहा कि यह नहीं समझना चाहिए कि जलवायु परिवर्तन से तापमान में बढ़ोतरी होती है बल्कि इसके विपरीत इसके कारण मौसम अनियमित हो जाता है।

महापात्र ने कहा, चूंकि ला नीना की स्थिति कमजोर है, इसलिए हम इस वर्ष ज्यादा ठंड की उम्मीद कर सकते हैं। अगर शीत लहर की स्थिति के लिए बड़े कारक पर विचार करें तो अल नीनो और ला नीना बड़ी भूमिका निभाते हैं। वह राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की तरफ से 'शीत लहर के खतरे में कमीÓ पर आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, शीत लहर की स्थिति के लिए ला नीना अनुकूल होता है जबकि अल नीनो की स्थिति इसके लिए सहायक नहीं होती।


इन कारकों का पड़ता है मॉनसून पर असर
ला नीना प्रशांत महासागर में सतह के जल के ठंडा होने से जुड़ा हुआ है जबकि अल नीनो इसकी गर्मी से जुड़ा हुआ है। समझा जाता है कि दोनों कारकों का भारतीय मॉनसून पर भी असर पड़ता है। उदाहरण के लिए 2020 में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई और इस वर्ष नौ फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। पिछले वर्ष सर्दी के मौसम के दौरान शीत लहर अधिक लंबा खींचा।

ramendra singh Desk
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