रोजाना 9 किलो मीट खाता है चेंदरू, गोलू को खीर पसंद, रविवार को करते हैं उपवास

गर्मी बढऩे की वजह से जंगल सफारी में एनिमल के लिए स्पेशल डाइट चार्ट...

By: Sumit Yadav

Published: 24 May 2018, 12:51 PM IST

सुमित यादव @ रिपोर्टर रायपुर . तेज धूप से बचने के लिए लोग कई तरह की जतन कर रहे हैं, लेकिन जरा सोचिए जानवर इस गर्मी में कैसे अपने आप को सेफ रखते होंगे। वे तो अपनी फीलिंग को भी किसी से बयां नहीं कर पाते।

इसी को देखते हुए नंदन वन और जंगल सफारी में वाइल्ड एनिमल के लिए कई तरह जतन किए गए हैं। जिससे वे तेज धूप और तपन भरी गर्मी से बच सकें। साथ ही समर अकॉर्डिंग देखते हुए इनके डाइट चार्ट को भी थोड़ा चेंज किया गया है। जिससे उनके डाइजेशन में किसी प्रकार की दिक्कत ना आए और आसानी से पाचन क्रिया हो।
अगर हम बात करें बड़े जानवर शेर (चेंदरू) और शेरनी के लिए सुबह अंडा व दूध और दोपहर में ९ किलो मीट दिया जाता है। इसी के साथ भालू (गोलू) के लिए स्पेशल खीर और फ्रूट्स में कई वैराइटीज दी जा रही है। संडे को उपवास करते हैं।

 

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IMAGE CREDIT: sumit yadav

बनाया गया वाटर टैंक और झोपड़ी

समर में जानवरों के लिए पानी टैंक और छावनी के लिए झोपड़ी बनाई गई है। जिससे वाइल्ड एनिमल धूप से बचने के लिए पेड़ का सहारा लें, साथ ही झोपड़ी में बैठकर ठंडक का एहसास भी कर सकें। साथ ही टाइगर और लायन के लिए दो तालाब की व्यवस्था की गई है। जिससे वह गर्मी से बचने के लिए तालाब में बैठकर कूल फील कर सकें।

 

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समर अकॉर्डिंग डाइट चार्ट

वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार वर्मा ने बताया, बड़े एनिमल को १०-१२ केजी मीट दिया जाता है। लेकिन इन इन दिनों गर्मी काफी बढ़ गई जिसके लिए एनिमल के डाइट चार्ट में थोड़ा परिवर्तन किया गया है। लायन और टाइगर को ९ किलो मीट और लायन के छोटे बच्चों को ३ से ४ किलो दिया जा रहा है। टाइगर के बच्चे पहले की अपेक्षा बड़े हो गए हंै इसलिए उन्हें ५ से ६ केजी मीट दिया जाता है। गर्मी बढऩे की वजह से पाचन क्रिया में दिक्कत ना हो इसलिए उन्हें विटामिन ए, डी, इ का लिक्वेड मीट में मिलाकर दिया जाता है। जिससे वह पूरी तरह से डाइजेशन ठीक रहे। संडे को इनका उपवास रहता है।

 

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भालू और हिरण

इन दिनों भालू को शहद मिला स्पेशल खीर, लौकी, पपाया, तरबूज आदि फ्रूट्स दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही हिरण, चीतल और नीलगाय को चोकर, चना के साथ ही इन दिनों इनको ग्रीनरी सबसे अधिक दिया जा रहा है।

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