सिंधी समाज में एक व्यक्ति के आने पर भी शुरू हो जाएगी पगड़ी रस्म

सामाजिक बदलाव: अब नहीं करना होगा भीड़ बढऩे का इंतजार

By: VIKAS MISHRA

Published: 19 Mar 2020, 01:10 AM IST

रायपुर. सिंधी समाज के पगड़ी रस्म समारोह के संबंध में समाज के वरिष्ठजनों की सहमति के बाद कुछ बदलाव किए गए हैं। अब शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए लोगों को भीड़ बढऩे या धार्मिक रीति-रिवाज पूरा होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि तय समय-सीमा के भीतर एक व्यक्ति के आने पर भी संस्कार शुरू हो जाएंगे। वर्तमान व्यवस्था के मुताबिक पंडितों के रस्मों-रिवाज पूरा होने तक सैकड़ों की भीड़ को बड़े हॉल या धर्मशाला में आधे से एक घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। अब पगड़ी रस्म में शामिल होने पहुंचे लोगों के आने के पहले पूजा-पाठ का समापन कर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत, रायपुर व चेट्रीचंड्र महोत्सव समिति के प्रवक्ता दिनेश अठवानी ने बताया कि यह प्रस्ताव सिंधी समाज के सक्रिय सदस्य व बैठक के सभापति अमर परवानी के द्वारा दिया गया, जिसे समाज के वरिष्ठजनों ने सर्वसम्मति के स्वीकार किया।
कोरोना वायरस के संक्रमण को एक-दूसरे फैलने रोकने के लिए पगड़ी रस्म जैसे संस्कार को सुविधाजनक बनाने के लिए यह पहल की गई है। बैठक में प्रमुख रूप से पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी, मुखी मन्नूमल, डॉ भीमनदास बजाज, झामनदास अठवानी, आसुदाराम वाधवानी, रमेश वल्र्यानी, लालचंद गुलवानी,दीपक कृपलानी,महेश पृथवानी,चेतन तारवानी, शंकरनगर -शांतिनगर पंचायत के अशोक नैनानी- अशोक माखीजा, बलराम मंधानी,मोहन तेजवानी,अमित मूलचंदानी,पवन वाधवा,जय केसवानी,मनीष वाधवानी,शंकर बजाज, आनंद जुमनानी सहित समाज के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
कोरोना वायरस खत्म होने के बाद भी
समाज के प्रवक्ता अठवानी ने बताया कि कोरोना वायरस के खत्म होने के बाद भी यह परंपरा जारी रखी जाएगी। वर्तमान में शासन के दिशा-निर्देशों के मद्देनजर एक साथ बड़ी भीड़ इकठ्ठा नहीं होनी चाहिए, लेकिन सामाजिक परंपरा के मद्देनजर पगड़ी रस्म के लिए लागू सुविधाजनक बदलाव आगे भी जारी रहेगा।

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