11 विधानों से पूजा कर दादा गुरुदेव के उपकारों का किया पुण्य स्मरण

सीमंधर स्वामी जैन मंदिर एवं दादाबाड़ी में हुआ आयोजन

By: VIKAS MISHRA

Published: 14 Mar 2020, 06:00 PM IST

रायपुर. दादा जिनकुशल सूरी का प्रकट महोत्सव होली पूनम के दिन भक्ति और उल्लास के बीच मनाया गया। भक्तों ने सुरमयी संगीत के बीच 11 विधानों से पूजा-अर्चना कर दादा गुरुदेव के उपकारों का स्मरण किया। इस मौके पर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद ने कहा कि दादा जिनकुशल सूरी जो कि जैन धर्म के प्रकट प्रभावी आचार्य के रूप में सर्वमान्य हुए तथा जिनके स्मरण से ही भक्तों की मनोकामना पूर्ण हो जाती है, एेसी मान्यताएं हैं।
स्वाध्यायी व ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद ने भैरव सोसायटी दादाबाड़ी में सैकड़ों भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे दादा गुरु का स्वर्गारोहण फ ाल्गुनी बदी अमावस को हुआ और उसके 15 दिन बाद ही फ ाल्गुन सदी पूनम को मालपूरा में जैन मंदिर में उन्होंने अपने भक्तों को प्रत्यक्ष दर्शन देकर उनकी मनोकामना पूर्ण की थी। अत: होली पूनम को उनके प्रकट महोत्सव के रूप में बड़ी पूजा कर चारों दादा गुरु के उपकारों व चमत्कारों का स्मरण कर उन्हें भावांंजलि अर्पित की गई। ट्रस्ट के महासचिव महेन्द्र कोचर ने बताया कि बड़ी पूजा का प्रारंभ नवकार मंत्र हमें प्राणों से प्यारा ये है वह जहाज जिसने लाखों को तारा भजन के साथ हुआ। श्रीफ ल, अक्षत, नैवेद्य द्वारा लाभार्थी परिवारों ने पूजन किया। बड़ी पूजा के 11 विधानों की संगीतमय चौपाइयों द्वारा दादा गुरूदेव की कलात्मक मार्बल की छतरी में विराजमान चमत्कारी दादा गुरु की प्रतिमाओं के सम्मुख, जल, चंदन, पुष्प, धूप, अक्षत, फ ल, नैवेद्य मिठाई द्वारा अष्ट प्रकारी पूजा जल चंदन फल फूल मनोहर आठों द्रव्य चढ़ावे की चौपाईयों से संपन्न की गई।
सुप्रसिद्ध संगीतकार जयंती लोढ़ा, राजेश ललवानी, महिला मण्डल से मंजू कोठारी, पूनम बरमट, कुसुम जैन, मधु पारख द्वारा स्वर लहरियों से भक्ति रस भक्तों को सराबोर किया। वहीं दसवीं पूजा विधान महिला मंडल द्वारा ध्वज पूजन कर हरख भरी, हरख भरी रे देवा हरख भरी रे के बोलों के 11 चांदी के ध्वजा को धूप, दीप व शंख ध्वनि के साथ 3 प्रदीक्षणा देकर शिखर के ऊपर विराजमान की तथा अंतिम विधान अध्र्य अर्पण कर संपन्न किया। पूजा समारोह में प्रमुख रूप से ट्रस्टी राजेश सिंघी, निलेश गोलछा, ललित लूनिया, जयकुमार बैद, पदम जैन, महेन्द्र कोचर, प्रदीप गोलछा, राजेश बाफ ना, कांति लूनिया, ममता नोहर, स्मिता गोलछा, जयंती बोथरा, शैलजा बरडिय़ा, कुसुम जैन आदि सैकड़ों की संख्या में भक्तजनों ने भावांजली भजनों द्वारा अर्पित की। पूजा की समाप्ति इक्तीसा जाप व आरती मंगल दीपक से हुआ। अंत में गुरु प्रसादी बड़ी पूजा के लाभार्थी परिवार-मूलचंद संतोष बैद, चंदरी देवी, कांकरिया परिवार, भंवरलाल इंदरचंद, अशोक जय सांखला आदि सहभागी बने।

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