मेहनती हाथों ने ईंट बनाकर रखी आर्थिक सशक्तिकरण की बुनियाद, बिहान योजना से महिलाएं हो रहीं आत्मनिर्भर ...

कोविड-19 के लॉकडाउन अवधि में भी नहीं आई उत्साह में कमी

By: Nitin Dongre

Published: 29 May 2020, 06:45 AM IST

राजनांदगांव. राजनांदगांव जिले की स्वसहायता समूह की महिलाओं ने अपनी मेहनत और लगन से ईंट बनाकर आर्थिक सशक्तिकरण की बुनियाद रखी है। बिहान योजना के माध्यम से 17 हजार 552 स्वसहायता समूह की 1 लाख 92 हजार 959 ग्रामीण महिलाओं को शामिल करने के पश्चात अब उन्हें आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।

स्वसहायता समूह की महिलाएं आजीविका अंतर्गत उन्नत कृषि, पशुपालन और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं किंतु पिछले कुछ वर्षो से उनके लिए ईट निर्माण गतिविधि बेहतर आय का जरिया साबित हो रही है। प्रति वर्ष जनवरी से मई-जून की अवधि में समूह की महिलाएं ईट निर्माण का कार्य करती हैं निर्मित ईट की बिक्री से उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो जाती है, साथ ही समय का सदुपयोग भी हो जाता है।

घर में उपलब्ध लकड़ी का कर रहे उपयोग

कलेक्टर के निर्देशानुसार जिला पंचायत की सीईओ तनूजा सलाम द्वारा लगातार इसकी समीक्षा कर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। महिलाएं ईंट निर्माण के लिए खेत की मिट्टी एवं धान के छिल्के का उपयोग ईट निर्माण करती हैं एवं ईंट पकाने के लिए घर में उपलब्ध लकड़ी का उपयोग करती हैं। घर पर लकड़ी उपलब्ध न होने पर खरीद भी लेते हैं साथ उपलब्धता के अनुसार पकाने के लिए कोयले का भी उपयोग करते हैं।

जिलेभर में की जा रही ईंट की सप्लाई

जिले भर में लाल ईंट की मांग अधिक होने से अधिकतर समूह की महिलाओं द्वारा लाल ईंट का निर्माण किया जाता है जबकि 3 समूहों द्वारा फ्लाई ऐश ब्रिक का भी निर्माण किया जाता है। वैसे तो जिले भर में ईट का निर्माण किया जाता है किंंतु वनांचल मोहला, मानपुर और अंबागढ़ चौकी में बड़ी मात्रा में स्वसहायता समूह की महिलाएं ईंट निर्माण का कार्य करती हैं पिछले 3 वर्षों से लगातार ईंट निर्माण का आंकड़े में इजाफा हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना में भी ईंट की सप्लाई की जा रही है।

समृद्धि के नए आयाम की ओर बढ़ रहे

बिहान योजना के तहत ईंट निर्माण में संलग्न समूह की महिलाओं के पास पर्याप्त पूंजी की उपलब्धता के लिए न्यूनतम ब्याज दर पर बैंक ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है तथा सामुदायिक निवेश कोष की राशि भी समूह की महिलाओं द्वारा ईंट निर्माण में लागत के तौर पर खर्च की जा रही है। पर्याप्त वित्तीय सुविधा एवं आवास योजना में अच्छी मांग के कारण समूह की महिलाएं ईंट निर्माण कर समृद्धि के नए आयाम की ओर बढ़ रही हैं।

733 स्वसहायत समूह की 1983 महिलाएं जुड़ी हैं

इस वर्ष कोविड-19 के लॉकडाउन पीरियड में भी इस वर्ष समूह की महिलाओं में ईट निर्माण के प्रति उत्साह में कोई कमी नहीं आई है, जो काबिले तारीफ है। वित्तीय वर्षं 2019-20 में जिले के कुल 733 स्वसहायता समूह की 1983 महिलाओं ने कुल 3 करोड़ 58 लाख ईंट का निर्माण किया गया।

महिलाओं की आय में हो रही वृद्धि

वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए ईंट की आपूर्ति से 2 करोड़ 57 लाख रूपए की शुद्ध आय स्वसहायता समूह की महिलाओं को प्राप्त हुई एवं आवास निर्माण में ईंट की आपूर्ति में भी सहूलियत हुई है। लगातार ईंट का निर्माण किया जा रहा है और इस तरह ईंट निर्माण गतिविधि से समूह की महिलाओं की आय वृद्धि हो रही है।

Nitin Dongre Desk
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