महिला आरक्षक के शव की पुख्ता पहचान के लिए DNA test कराने की तैयारी में पुलिस

महिला आरक्षक के शव की पुख्ता पहचान के लिए DNA test कराने की तैयारी में पुलिस

Atul Shrivastava | Publish: Sep, 02 2018 05:21:00 PM (IST) Rajnandgaon, Chhattisgarh, India

आरक्षक की हत्या के आरोप में आरोपी सब इंस्पेक्टर भेजा गया जेल

राजनांदगांव। अंबागढ़ चौकी में पदस्थ महिला आरक्षक की हत्या के मामले में वहीं के एक सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किए जाने के बाद अब पुलिस शव को लेकर पूरी तरह पुख्ता होने के लिए डीएनए जांच कराने की तैयारी में है। इसके लिए शव के अंतिम संस्कार से पहले उसके अवशेष सुरक्षित कर लिए गए हैं। इधर डोंगरगांव पुलिस ने धारा ३०२ के मामले में आरोपी को शनिवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे राजनांदगांव जेल में कल शाम ही भेज दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि अंबागढ़ चौकी में पदस्थ सब इंस्पेक्टर धनेश्वर नापित ने अवैध संबंधों के बाद ब्लैकमेलिंग से तंग आकर चौकी एसडीओपी की रीडर आरती कुंजाम की हत्या कर दी थी। आरोपी ने हत्या के बाद शव को टुकड़ों में बांटकर सिर और हाथ पैर को चौकी में शिवनाथ नदी में फेंक दिया था जबकि बाकी धड़ को डोंगरगांव के पास बगदई नदी में फेंका था। दूसरे दिन बगदई नदी से शव की बरामदगी के बाद डोंगरगांव पुलिस में मामला दर्ज कर जांच में लिया गया था।

रॉड के चलते हुई शिनाख्ती
बिना सिर और हाथ पैर के मिली लाश की शिनाख्ती कठिन थी लेकिन लाश के कटे पैर के पास और कंधे के पास रॉड लगे होने से उसकी शिनाख्ती आसान हो गई। शरीर में एक्सीडेंट के बाद इन जगहों पर रॉड लगे होने के चलते पिछले तीन दिनों से लापता चल रही आरक्षक आरती के परिजनों ने उसकी शिनाख्त कर ली। इसके बाद डोंगरगांव पुलिस ने विवेचना तेज की और आरोपी पकड़ में आ गया।

जरूरी होगी जांच
शव की शिनाख्ती मृतका के परिजनों ने कर ली है और इस आधार पर विवेचना के बाद आरोपी भी पकड़ में आ गया है लेकिन पुलिस ने डीएनए की भी तैयारी कर ली है। एएसपी तारकेश्वर पटेल ने बताया कि मृतका के शव के अंतिम संस्कार के पहले पुलिस ने डीएनए जांच के लिए अवशेष सुरक्षित कर लिए हैं और अब उसके परिजनों के डीएनए से मिलान का काम किया जाएगा। यह रिपोर्ट कोर्ट में पुलिस के लिए महत्वपूर्ण होगी।

सिर और हाथ पैर नहीं मिले
आरोपी एसआई के पुलिस को दिए गए बयान के मुताबिक उसने हत्या के बाद शव के टुकड़े कर हाथ, पैर और सिर को चौकी में एनीकट के पास फेंका था और बाकी धड़ को डोंगरगांव में बगदई नदी में फेंका था। बगदई नदी में फेंके गए धड़ के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंच भी गई लेकिन सिर और हाथ, पैर का अब तक पता नहीं चला है। इस वारदात के बाद क्षेत्र में अच्छी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर थे, ऐसे में शरीर के ये अंग कहां तक बहकर चले गए होंगे इसे लेकर अब कुछ कहना मुश्किल है। बहरहाल, ये अंग अब तक बरामद नहीं किए जा सके हैं।

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