बिना जावक क्रमांक और दिनांक डाले ही जारी किया मान्यता प्रमाण पत्र ...

शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

By: Nitin Dongre

Updated: 18 Feb 2020, 11:00 AM IST

राजनांदगांव. जिले में नियम विपरीत संचालित हो रहे निजी स्कूलों से बिना जुर्माना वसूले फिर संचालित करने की अनुमति दिए जाने का मामला अभी सुलझा ही नहीं था कि एक और मामला ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा बीते साल थोक के भाव में अनुमति व मान्यता दिया गया, जिन निजी स्कूलों पर भारी जुर्माना अधिरोपित किया उन स्कूलों से बिना जुर्माना वसूले ही मान्यता दे दी गई। इसकी लिखित शिकायत छग पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग से किया है, जिस पर जांच के आदेश दिए गए हैं।

सूचना का अधिकार के तहत मिले दस्तावेज के अनुसार इन्द्रधनुष प्ले इंलिग्श मिडियम स्कूल, डोंगरगढ़ को नर्सरी से लेकर केजी-2 तक तीन सालों की अवधि के लिए शिक्षा विभाग ने मान्यता जारी किया है, लेकिन मान्यता प्रमाण पत्र में जावक क्रमांक और दिनांक ही नहीं लिखा हुआ है। इतना ही नहीं इस स्कूल को मान्यता कोड संख्याक बी. 049 भी आंबटित किया गया है।

मामला और भी गंभीर हो गया

अब सवाल यह उठ रहा है कि बिना जावक क्रमंाक और दिनांक डाले कैसे किसी स्कूल को विभागीय मान्यता जारी किया जा सकता है, क्योंकि जावक पंजी में इस पत्र को इंट्री करना होता है, जिसका पूर्ण विवरण भी लिखना होता है। उसके बाद ही पत्र जारी किया जाता है, लेकिन इस पत्र में तत्कालिक जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर भी है, इसलिए यह मामला गंभीर हो जाता है, क्योंकि शासकीय पत्र को अनाधिकृत तरीके से जारी किया गया है।

निष्पक्ष जांच होनी चाहिए

छग पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने कहा कि निजी स्कूलों को मान्यता देने में लापरवाही बरती गई। शिकायत बाद भी जांच नहीं की जाती। यह मामला तो बेहद गंभीर है, इसकी तत्काल निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

Nitin Dongre Desk
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