क्वारंटाइन सेंटरों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीणजन

हरणसिंघि के ग्रामीण नागतराई गए तो भरना होगा जुर्माना, फतवा जारी

By: Nakul Sinha

Published: 30 May 2020, 06:19 AM IST

राजनांदगांव / डोंगरगढ़. डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम हरनसिंघि के 4 कमरे वाले छोटे से प्राथमिक शाला क्वारंटाईन सेंटर में 25 से 30 लोगों को रखा गया था। जिसमें शासन द्वारा जारी दिशा निर्देश जैसे सोशल डिस्टेंस का पालन नहं करने तथा क्वारंटाइन में रह रहे लोगों द्वारा स्कूल के अंदर ही झुंड में बैठकर ताश खेलने, मिलने आ रहे संबंधियों से बिना माक्स लगाए बात करने तथा क्वारंटाइन सेंटर के बाहर खेल रहे बच्चों को बुलाकर दुकान से सामान मंगाए जाने, बाहर से आए कुछ लोगों के होम क्वारंटाइन अवधि में गांव में घुमते दिखे जाने की लगातार शिकायत आ रही थी। जिसको समाचार पत्रों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद भी गांव के पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा उक्त क्वारंटाइन सेंटर के प्रभारी एवं शासन-प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से उक्त सेंटर से बैंगलोर एवं मुंबई से आए 3 लोगों के कोरोना पॉजीटिव पाए जाने पर अब रोज स्वास्थ्य अमला सजग होते हुए हरनसिंघि क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे 25 लोगों के कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लेकर रायपुर भेजा गया है। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग क्वारंटाइन सेंटर पर नजर रखते हुए सुबह -शाम क्वारंटाइन में रह रहे लोगों के स्वास्थ्य जांच कर रही है। जिससे गांव मे दहशत का महौल हो गया है।

गांव के वृद्धजनों ने जारी किया फरमान
वहीं हरनसिंघि गांव के सीमा से लगे गांव नांगतरई, जटकन्हार, जामरी, राका के जाने वाले रास्तों को बंद कर प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। हरनसिंघि का पैतृत्व गांव नांगतरई बुजूर्गो द्वारा फतवा जारी किया गया है कि हरनसिंघि का कोई भी व्यक्ति नांगतरई में दिखाई देने पर 1 हजार रूपए एवं नांगतरई का कोई भी व्यक्ति हरनसिंघि जाने पर 5 हजार रूपए दंड वसूल किए जाने के फतवा जारी करने के बाद हरनसिंघि के ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। हरनसिंघि के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सीमा से लगे गांव जटकन्हार, मेढ़ा, जामरी की सड़कों को बंद करने से उन्हें उतनी समस्याओ का सामना नहीं करना पड़ रहा है जितना की हरनसिंघि से नांगतरई होते हुए डोंगरगढ़ जाने वाले मुख्य मार्ग को बंद कर दिया गया है।

फतवा के कारण ग्रामीणों के आने-जाने में पाबंदी
ग्रामीणों ने बताया कि लोगों को दवाई जैसी अन्य आवश्यक सामग्री के लिए नांगतरई से होकर डोंगरगढ़ आना-जाना पड़ता है किन्तु नांगरतई के बड़े बुजुर्ग द्वारा इस तरह के फरमान ने ग्रामीणों को बंधवा बनाकर रख दिया है। वहीं नांगतरई के कुछ कृषको के खेत हरनसिंघि में है और वर्तमान में लोग अपने खेती किसानी कार्य में व्यस्त है किन्तु गांव के इस फरमान से नांगतरई के कृषकों को भी संकट मे डाल दिया है। आज हरनसिंघि के क्वारंटाइन सेंटरों की लापरवाही पूरा गांव भुगत रहा है। पड़ोसी गांवों द्वारा हरनसिंघि के ग्रामीणों के विरोधी फरमान से बचाव के लिए हरनसिंघि के पंचायत प्रतिनिधि चुप्पी साधे बैठे है। ऐसा लगता है कि उन्हें अपने गांव एवं ग्रामीणों की कोई चिंता नहीं है।

Nakul Sinha
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