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बड़े भाई ने ही भेज दिया बालश्रम पर

केलवाड़ा में तीन हजार रुपए महीने में काम करता 13 साल का बालक सीडब्ल्यूसी ने मुक्त कराया  
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बड़े भाई ने ही भेज दिया बालश्रम पर

बड़े भाई ने ही भेज दिया बालश्रम पर

कुम्भलगढ़. केलवाड़ा में कडिय़ा रोड पर स्थित महादेव भोजनालय पर शुक्रवार को एक बाल श्रमिक को मुक्त करवाया गया। बाल कल्याण समिति की पहल पर हुई इस कार्रवाई में होटल मैनेजर के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत केललवाड़ा थाने में प्रकरण भी दर्ज करवाया गया। समिति अध्यक्ष कोमल पालीवाल ने बताया कि जिले में बालश्रम के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसमें पुलिस विभाग, चाइल्ड लाइन, मानव तस्करी यूनिट, बाल कल्याण समिति संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। केलवाड़ा में महादेव भोजनालय पर बालश्रम की सूचना पर थाना प्रभारी शैतानसिंह नाथावत के निर्देश पर हेड कांस्टेबल रामभरोस, लंकेश कुमार, चन्द्रशेखर व जाब्ता पहुंचा। वहां मैनेजर कैलाश पुत्र मोहनलाल निवासी आंतरी की होटल पर 13 साल का एक नाबालिग बालक झूठे बर्तन साफ करता हुआ मिला। उसे दल ने छुड़वाया तथा अनुसंधान अधिकारी एएसआई मानसिंह ने बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। बालक को किशोर गृह में आश्रय दिया गया।
बालक ने बताया कि वह बीते पांच दिन से होटल पर काम पर आया था। उसे उसके भाई योगेश ने तीन हजार रुपए मासिक मेहनताने पर झूठे बर्तन साफ करने व सफई के लिए नौकरी पर लगाया था। होटल पर सुबह 7 से शाम 5 बजे तक काम करवाया जा रहा था। अध्यक्ष पालीवाल ने बताया कि जिले में जून व जुलाई में अब तक 8 बाल श्रमिकों को पांच प्रकरणों में रेस्क्यू किया गया।