Video : जितनी सावधानी बरतेंगे, उतना सुरक्षित रहेंगे- देथा

- स्वायत्त शासन सचिव व जिला प्रभारी भवानीसिंह देथा के साथ पत्रिका के समाचार सम्पादक राकेश गांधी की बातचीत

By: Rakesh Gandhi

Published: 24 May 2020, 06:58 PM IST

राजसमंद. स्वायत्त शासन सचिव व जिला प्रभारी भवानीसिंह देथा ने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमण की दृष्टि से स्थितियां और जिलों से बेहतर हैं। यहां अधिकतर संक्रमित मरीज प्रवासी ही हैं, स्थानीय लोगों का प्रतिशत नहीं के बराबर ही है। इसके अलावा यहां प्रवासियों के लिए किए गए इंतजाम काफी बेहतर हैं। फिर भी यहां के लोगों को चाहिए कि व जितना संभव हो सावधानी बरतें और सुरक्षित रहने का प्रयास करें। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश-

सवाल - आपने कई स्थानों का दौरा किया है। यहां की व्यवस्था के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे?
जवाब - राजसमंद में कुल मिलाकर स्थितियां इतनी गंभीर नहीं है। फिर भी सावधानी रखनेे की जरूरत है। जिले में प्रवासियों को क्वारंटीन करने का काम अच्छा है। महाराष्ट्र व गुजरात समेत विभिन्न राज्यों से आने वाले प्रवासियों को आते ही क्वारंटीन किया जा रहा है। संक्रमित लोग अधिकतर प्रवासी ही हैं, स्थानीय लोग नहीं के बराबर प्रभावित हुए हैं। ऐसे में माना जा सकता है कि जिले की प्रशासनिक टीम अच्छा काम कर रही है। यहां पंचायत स्तरीय क्वारंटीन कॉन्सेप्ट राजसमंद में ज्यादा है तो बेहतर भी है। और जगह इतना नहीं है।

सवाल - संक्रमित मरीजों में से अधिकतर प्रवासी लोग हैं। इस बारे में आपका क्या कहना है?
जवाब - बिल्कुल जैसा कि मैंने पहले भी कहा कि यहां संक्रमित लोगों में प्रवासी ही अधिक है। इसका कारण चेक पोस्ट से ही उन्हें क्वारंटीन के लिए भेज देना है। ये बेहतर है। वैसे अब प्रवासियों के आने का क्रम बहुत ही कम रह गया है। साथ ही क्वारंटीन सेन्टर में भी अधिकतर लोगों का चौदह दिन का पीरियड भी खत्म होने को है। ऐसे में यहां सबकुछ अच्छा चल रहा है।

सवाल - यहां क्वारंटीन सेंटरों में प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं से आप कितना सन्तुष्ट हैं?
जवाब - मैंने पिछले तीन दिनों में कई स्थानों पर जाकर क्वारंटीन सेन्टरों की व्यवस्था देखी है। अधिकतर सेन्टरों पर व्यवस्था संतोषजनक है और जहां थोड़ी-बहुत दिक्कतें हैं, वहां सुधारने को कहा है। यहां सेन्टरों पर काउंसलिंग भी की जा रही है तो योग व पूजा-अर्चना भी नियमों का पालन करते हुए किए जा रहे हैं। अच्छा है, इससे लोगों में डिप्रेसन या बोरियत जैसी बात नहीं रहेगी। मुझे लगता है जिला प्रशासन को अभी ये काम बेहतर बनाए रखना है, क्योंकि स्थितियां अभी सुधरी नहीं है, जहां पॉजिटिव नहीं थे, वहां भी अब बढ़ रहे हैं। देवगढ़ व राजसमंद ब्लॉक जैसे क्षेत्रों में केस ज्यादा आ रहे हैं।

सवाल - क्वारंटीन सेंटरों पर प्रवासियों की संख्या देखें, उस हिसाब से सैंपलिंग नहीं हो पा रही है। सैंपलिंग का रोड मैप क्या है?
जवाब - ऐसा नहीं है। सैम्पलिंग हो रही है। जैसे जरूरत लग रही है, उसी अनुरूप सैम्पलिंग करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। लक्षण दिखने पर ही ये सैम्पलिंग करवाई जा रही है। दूसरा पॉजिटिव मरीज की सम्पर्क सूची भी देखी जा रही है।

सवाल - उदयपुर से यहां जांच रिपोर्ट आने में विलंब हो रहा है, ऐसे में क्या विकल्प ढूंढा जा रहा है?
जवाब - अभी रिपोर्ट उदयपुर भेजी जा रही है। फिर भी जिला प्रशासन प्रयास कर रहा है, संभव है पांच-सात दिन में अनन्ता अस्पताल में ये सुविधा शुरू हो जाए। इससे रिपोर्ट जल्द मिलने में आसानी रहेगी।

सवाल - जिले में कितने कोविड सेन्टर हैं और कोरोना से अलावा मरीजों के लिए क्या व्यवस्था रहेगी?
जवाब - हर ब्लॉक पर दो-दो कोविड सेन्टर बना रखे हैं, ताकि बड़े अस्पतालों में कोविड के अलावा मरीजों को चिकित्सा मिल सके। अभी उन मरीजों का काफी दिक्कतें आ रही थी, जिन्हें कोरोना के अलावा दूसरा मर्ज है। आने वाले दिनों में दूसरे मरीजों को इतनी दिक्कत नहीं रहेगी।

सवाल - आम लोगों को क्या सन्देश देना चाहेंगे?
जवाब - सभी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें। घर से अनावश्यक बाहर न निकले। लॉकडाउन नियमों का पालन करें।

Rakesh Gandhi Editorial Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned