एक बार फिर धोनी बने झारखंड के सबसे बड़े करदाता,टैक्स के रूप में चुकाई यह बड़ी रकम...

रांची स्थित आयकर भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रधान आयकर आयुक्त वी महालिंगम ने इसकी जानकारी दी...

By: Prateek

Published: 24 Jul 2018, 02:22 PM IST

(पत्रिका ब्यूरो,रांची): भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और रांची के युवराज कहे जाने वाले महेंद्र सिंह धोनी वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए झारखंड के सबसे बड़े कर-दाता बने हैं। प्रधान आयकर आयुक्त वी महालिंगम ने कहा कि धोनी ने टैक्स के रुप में 12.17 करोड़ रुपए जमा करवाए हैं, वहीं संस्था के तौर पर सबसे अधिक सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने टैक्स अदा किया है।


राज्य से इतने आयकर का हुआ संग्रह

रांची स्थित आयकर भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रधान आयकर आयुक्त वी महालिंगम ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आयकर संग्रह के मामले में वित्तीय वर्ष 2017-18 में झारखंड का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा आयकर संग्रह किए गए हैं। गौरतलब है कि महेंद्र सिंह धोनी इससे पूर्व भी कई बार झारखंड में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले लोगों में शुमार रहे हैं। हाल ही में धोनी ने सेवन नाम से एक कंपनी की शुरुआत भी की है। जिसका एक स्टोर उन्होंने रांची में खोला है। इसके साथ ही वे कंपनियों के ब्रांड एंबेसडर भी हैं।

महालिंगम के मुताबिक व्यक्तिगत आयकर संग्रह के मामले में भी राज्य ने काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार 88 प्रतिशत वृद्धि दर्ज कराते हुए 2217 करोड़ रुपये संग्रह किये गये हैं, वहीं अगले वर्ष के लिए 2560 करो़ड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है।


समय पर आयकर जमा नहीं करवाने वालों पर सख्ती

निर्धारित समय सीमा के अंदर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों पर इस बार काफी सख्त बरती जा रही है, 31 जुलाई तक आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करने की स्थिति में ऐसे आयकर दाताओं को पांच हजार फाइन देकर 31 दिसम्बर तक आयकर जमा कराने होंगे। वहीं 31 दिसम्बर के बाद जमा कराने वालों को 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा।


चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर ने बताया कि नोटबंदी के दौरान ऑपरेशन क्लीन की अवधि में राज्य में 3500 ऐसे बैंक खाते चिन्हित किये है, दस लाख से अधिक की रकम जमा की गयी, वहीं उनमें से 605बैंक खाते ऐसे है,जिनमें एक करोड़ से अधिक नकद जमा किये गये। उन्होंने बताया कि इन सभी बैंक खातों पर कड़ी नजर रखी जा रही है,उनमें से कुछ का सर्वे भी कराया गया, कुछ पुराने केसेस को रिओपेन भी किया गया। इसके अलावा शेल कंपनियों द्वारा पैसे के लेनदेन को लेकर भी आइडेंटिफाई किये गये है।

Prateek Desk
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