लोकायुक्त की गिरफ्त में आया रिश्वतखोर लेखापाल

लोकायुक्त की गिरफ्त में आया रिश्वतखोर लेखापाल

रतलाम। जिला अस्पताल के लेखापाल पुरुषोत्तम बुचके को बाल चिकित्सालय की इंचार्ज सिस्टर रानी नेल्सन से आठ हजार की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। लेखापाल ने यह रिश्वत सिस्टर नेल्सन के पीएफ खाते से राशि निकालने के बदले मांगी थी। रिश्वतखोर लेखापाल को निकाली गई राशि का 10 फीसदी हिस्सा चाहिए था। रविवार की दोपहर को इंचार्ज सिस्टर नेल्सन ने उसे आठ हजार की राशि थमाई वैसे ही लोकायुक्त डीएसपी वेदांत शर्मा और उनकी टीम ने रिश्वतखोर लेखापाल को धरदबौचा।

परेशान करने के लिए कम राशि की अनुशंसा की
फरियादी और बाल चिकित्सालय की इंचार्ज सिस्टर नेल्सन ने बताया कि उसने सितंबर माह के मध्यम में अपने पीएफ खाते से एक लाख रुपए निकालने के लिए लेखापाल को आवेदन किया था। लेखापाल बुचके ने राशि नहीं होने का कह कर पहले २६ हजार रुपए निकालने की अनुशंसा की। बाद में नेल्सन को उसने कहा कि ज्यादा राशि निकालना हो तो राशि लगेगी। इसके बाद उसने 85 हजार रुपए निकालकर देने की बात कही और इसके बदले निकाली गई राशि का 10 फीसदी हिस्सा रिश्वत के रूप में देने के लिए कहा। नेल्सन ने बताया उनके खाते की राशि पर भी 10 फीसदी हिस्सा मांगे जाने की हां कर दी। जब उसने राशि निकाल दी तो वह हिस्सा लेने के लिए पिछले कई दिनों से परेशान करने लगा। इस दौरान वह बाहर होने से नहीं दे पाई तो लेखापाल ने उसे भलाबुरा भी कहा। रविवार को उसे राशि देने के लिए बाल चिकित्सालय आने को कहा।

लोकायुक्त को दी सूचना
नेल्सन ने बताया कि दूरभाष पर ही बुचके से उनकी चर्चा हुई थी। बुचके को उन्होंने पांच हजार रुपए देने की बात कही तो बुचके ने कहा कि पांच सौ रुपए कम करके आठ हजार से कम नहीं लेगा। साथ ही यह भी कहा कि तुम्हें कोई तमिज है कि नहीं कि इतनी बड़ी राशि के बदले केवल पांच हजार रुपए ही दे रही हो। बातचीत की रिकार्डिंग लेकर सिस्टर नेल्सन शनिवार को लोकायुक्त के संपर्क में आई और उज्जैन जाकर पूरी कार्रवाई की। इसके बाद लेखापाल को रविवार को बाल चिकित्सालय आकर राशि ले जाने को कहा। दोपहर करीब एक बजे इंचार्ज सिस्टर बाल चिकित्सालय में ड्यूटी पर थी। योजना के अनुसार बुचके उनसे राशि लेने पहुंचा। इस दौरान लोकायुक्त टीम बाल चिकित्सालय में ही मौजूद थी। जैसे ही बुचके को राशि दी तो उसने लेकर जेब में रखी। इस पर लोकायुक्त टीम ने धरदबौचा और सिस्टर कक्ष में ले जाकर उसके हाथ धुलवाए तो पानी लाल हो गया।

पहले भी ले चुका है राशि
लेखापाल बुचके दो साल पहले भी हमारी राशि निकालने के बदले राशि मांग चुका है। तब हमें पता नहीं था तो हमने १० हजार रुपए दिए थे। अब दोबारा राशि निकालने की जरुरत पड़ गई तो पहले उसने कम राशि का प्रस्ताव दिया जिससे मैं परेशान हो जाऊं लेकिन राशि ज्यादा निकालने पर १० फीसदी राशि की मांग करने लगा। ८५ हजार पास होने के बाद बुचके रिश्वत प्राप्त करने के लिए बार-बार फोन लगाकर परेशान करने लगा। इस पर लोकायुक्त को पूरी जानकारी दी। उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से उसे ट्रेप कर लिया।
रानी नेल्सन, फरियादी व बाल चिकित्सालय की इंचार्ज सिस्टर

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रिश्वत लेते लेखापाल को रंगेहाथों पकड़ा
सिविल सर्जन कार्यालय के लेखापाल पुरुषोत्तम बुचके को बाल चिकित्सालय की इंचार्ज सिस्टर की पीएफ राशि पास करने के बदले रिश्वत लेते रविवार को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया है। बाद में आरोपी रिश्वतखोर लेखापाल को सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जाप्ता फौजदारी की धारा ४१ के तहत बांडओवर किया गया है। इन्हें नोटिस देकर लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन जाकर पूरी कार्रवाई के लिए बुलाया जाएगा।
वेदांत शर्मा, डीएसपी लोकायुक्त उज्जैन

वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दे दी
लोकायुक्त टीम द्वारा मुझे लेखापाल पुरुषोत्तम बुचके को रंगेहाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार करने की जानकारी दी गई। मैने अपने वरिष्ठ अधिकारियों और कलेक्टर को दूरभाष और लिखित में सूचना दे दी है। जहां तक लेखापाल के निलंबन की बात है तो यह संयुक्त संचालक कार्यालय उज्जैन के अधिकार क्षेत्र में हैं।
डॉ. आनंद चंदेलकर, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल

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