सफेमा में उलझेंगे 1700 फरार वारंटी, पुलिस ने तैयार कराई कुंडली

सफेमा में उलझेंगे 1700 फरार वारंटी, पुलिस ने तैयार कराई कुंडली

harinath dwivedi | Publish: Sep, 10 2018 05:18:31 PM (IST) Ratlam, Madhya Pradesh, India

सफेमा में उलझेंगे 1700 फरार वारंटी, पुलिस ने तैयार कराई कुंडली

१७०० फरार वारंटी की सूची राज्य में की जारी, फरार वारंटियों की अवैध संपतियों की जानकारी जुटा रही पुलिस

रतलाम।

जिले में अवैध कारोबार कर कालाधन अर्जित करने वाले लंबे समय से फरार बदमाशों की सम्पत्ति की जानकारी पुलिस ने जुटाना शुरू कर दिया है। जिससे समय रहते उन पर शिकंजा कसा जा सके। जिले के मादक पदार्थों की तस्करी के अलावा अन्य गौरखधंधों से अवैध अकूत संपदा अर्जित करने वालों की कुंडली पुलिस ने तैयार की है। अगामी दिनों में तस्करी और अन्य धंधों से अवैध संपदा एकत्रित करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी की गई है।

जिले के २० थाना क्षेत्र के अंतर्गत १७०० लंबे समय से फरार वारंटियों में से पुलिस ने कुछ बदमाशों को चिन्हित किया है। जिन्होंने अवैध काम से काफी धन अर्जित किया है। पुलिस इनके राजस्व बैंक, सहकारी संस्थाएं, रजिस्ट्रार आदि विभागों से तथ्य एकत्रित करने में जुट गई है। अधिकांश वे लोग है, जो अफीम सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त रहे हैं। जबकि अन्य अवैध गतिविधियों से बेशकीती जमीनें और संसाधन जुटाने वाले लोगों को अलग सूचीबद्ध किया गया है। इनमें जुआ, सटे जैसे कारोबार से जुड़े लोग भी शामिल है। सफेमा एकट (स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मेनिप्यूलेटर्स एक्ट १९७६) की कार्रवाई केवल मादक पदार्थों के तस्कारों के विरूद्ध की जाती है। सफेमा कोर्ट मुंबई में है। जहां से संबंधित आरोपी को नोटिस जारी किए जाती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जुआ, सट्टा, अवैध शराब, जमीनों की हेराफेरी जैसे कारनामों से अवैध रूप से अर्जित संपत्ति परसआरपीसी की धारा १०५ के तहत कार्राई की जाएगी।

तैयारी चल री है

चुनाव को लेकर शांति व्यवस्था रहे, इसके चलते १७०० लंबे समय से फरार वारंटी की सूची राज्य के सभी जिलों में भेज दी गई है। खासकर छह महीने से फरार वारंटी की सूची बनाकर उनकी संपत्ति की जांच की जारी है। सफेमा और सीआरपीसी की धारा १०५ के तहत अवैध संपतियां अर्जित करने वालों पर कार्रवाई की जा सकेगी। जल्द ही इन भी पर कार्रवाई होगी।

- प्रदीप शर्मा, एएएसपी रतलाम।

MP/CG लाइव टीवी

Ad Block is Banned