Madhya pradesh election 2018 : डिंडोर ने इस्तीफा वापस लेने के लिए दिया आवेदन, डॉ. ओहरी को नहीं मिली राहत

डिंडोर ने इस्तीफा वापस लेने के लिए दिया आवेदन, डॉ. ओहरी को नहीं मिली राहत

By: Sourabh Pathak

Updated: 15 Nov 2018, 03:00 PM IST

रतलाम। जिला पंचायत में पदस्थ एपीओ लक्ष्मणसिंह डिंडोर ने उनका इस्तीफा नामंजूर करने के लिए विभाग प्रमुख को आवेदन किया है, जिसे यहां से भोपाल भेज दिया गया है। वहीं दूसरी और डॉ. अभय ओहरी का नामांकन रद्द किए जाने के बाद उनके द्वारा हाईकोर्ट में रिट लगाई गई है, लेकिन इस मामले की सुनवाई दिसंबर माह में होगी। एेसे में जब इस पर फैसला आएगा तब तक चुनावी प्रक्रिया लगभग पूरी होने को आएगी।

 

रतलाम ग्रामीण से कांग्रेस का टिकट पाने के बाद जिला पंचायत सीईओ सोमेश मिश्रा को एपीओ डिंडोर ने अपना इस्तीफा दिया था, जिसे उनके द्वारा शासन को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया था। इस बीच चुनावी प्रक्रिया के पेंच में उलझे डिंडोर का स्थानीय स्तर पर भी पार्टी के कार्यकर्ता व अन्य दावेदारों ने जमकर विरोध किया था, जिसके बाद डिंडोर का टिकट कटकर उनके स्थान पर थावर भूरिया को प्रत्याशी बनाया गया था। एेसा होने के बाद डिंडोर ने अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए जिला पंचायत सीईओ को आवेदन किया था। सीईओ ने इस आवेदन को भी आगे की कार्रवाई के लिए शासन को भेज दिया है, लेकिन इन दोनों ही आवेदनों पर अब तक कोई फैसला नहीं हो सका है।

दफ्तर में आने लगे डिंडोर
इस्तीफा अब तक मंजूर नहीं होने के बाद डिंडोर वर्तमान में फिर से कार्यालय में आकर बैठने लगे है। हालाकि पूर्व में उन्हे दिए गए चुनावी कार्य से सीईओ ने उन्हे पूरी तरह से मुक्त कर दिया है। कलेक्टर के निर्देश पर उन्हे फिलहाल कार्यालय का काम ही करने के लिए सौपा गया है, चुनाव से जुड़ा कोई सा भी कार्य उनसे नहीं कराने के निर्देश भी दिए गए है। डिंडोर के इस्तीफे के साथ ही आगे उनसे कहां पर क्या काम लेना है यह भी अब शासन तय करेगा।

डॉ. ओहरी का टूटा सपना
डॉक्टर की नौकरी छोड़कर रतलाम ग्रामीण विधानसभा से दावेदारी कर रहे डॉ. अभय ओहरी का चुनाव लडऩे का सपना भी अब फिलहाल टूट चुका है। डॉ. ओहरी ने भी इस्तीफा देकर बतौर निर्दलीय प्रत्याशी अपना नामांकन दाखिल किया था, लेकिन जांच के दौरान उनका नामांकन रद्द कर दिया गया था। इसके पीछे कारण विभाग से एनओसी नहीं मिलना रही थी। इस पर उनके द्वारा न्यायालय की शरण ली गई थी। उनके द्वारा न्यायायल में रिट लगाई गई थी, उस पर सुनवाई नहीं होने पर दूसरी बार फिर से रिट लगाई थी। एेसे में सुनवाई नहीं होने पर दूसरी बार फिर से रिट लगाई थी, जिस पर उन्हे सुनवाई के दिसंबर का समय मिला है।

चुनाव आयुक्त से भी की मुलाकात
डॉ. ओहरी ने चुनाव आयुक्त ओपी रावत से भी भोपाल में जाकर मुलाकात की थी। वहां पर उनके द्वारा उनकी परेशानी बताई गई थी, जिस पर चुनाव आयुक्त ने कहा कि जब आपके विभाग ने ही एनओसी नहीं दी तो उसमें वह क्या कर सकते है। ये विभाग की गलती है, इसमें आप विभाग को पार्टी बना सकते है। इस एक मामले को लेकर पूरा चुनाव नहीं रोका जा सकता है।

इनका कहना है
शासन को भेजा है आवेदन
- डिंडोर के इस्तीफा वापस लेने के संबंध में आवेदन दिया गया है, जिसे सुनवाई के लिए शासन को भेज दिया गया है। फिलहाल उनके द्वारा कार्यालय में आना शुरू कर दिया है, लेकिन उन्हे चुनाव संबंधी सभी कार्यों से पूरी तरह से मुक्त रखा गया है।
सोमेश मिश्रा, सीईओ, जिला पंचायत, रतलाम

Sourabh Pathak Reporting
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