
भाई दूज कब है, जानें इसका मुहूर्त
यह है मान्यता
भाई दूज त्योहार कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। यह त्योहार सूर्य पुत्र यम और उनकी बहन यमुना से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि यमराज ने यमुना को वरदान दिया था कि इस दिन जो भाई बहन से तिलक कराता है उसकी अकाल मृत्यु नहीं होगी। इसलिए हर साल भाई दूज के दिन बहनें अपने भाइयों का तिलक करने उनके घर पहुंचती हैं।
कब है भाई दूज, जानें इसका मुहूर्त
पंचांग के अनुसार कार्तिक शुक्ल द्वितीया 14 नंवबर दोपहर 02.36 बजे से शुरू हो रही है और इस तिथि का समापन 15 नंवबर को दोपहर 01.47 बजे हो रहा है। लेकिन उदया तिथि में भाई दूज का त्योहार 15 नवंबर 2023 को बुधवार को मनाया जाएगा।
वाराणसी के पुरोहित पं. शिवम तिवारी के अनुसार भाई दूज पर भाई के माथे पर तिलक करने के दो शुभ मुहूर्त हैं, पहला 15 नवंबर को सुबह 6.44 बजे से सुबह 9. 24 बजे तक और दूसरा शुभ मुहूर्त सुबह 10.40 बजे से दोपहर 12 बजे तक।
भाई दूज पूजा विधि
1. भाई दूज के दिन यमुना में स्नान करें या यमुना के जल को पानी में मिलाकर स्नान करें।
2. बहन के घर जाएं और बहन के हाथों से बना हुआ खाना खाएं और बहन भाई की आरती कर तिलक करे।
3. इसके बाद आप बहन को उपहार दें।
4. कई बहनें व्रत भी रखती हैं, साथ ही इस दिन कायस्थ समाज चित्रगुप्त पूजा करता है।
ऐसे करें भाई दूज पर चित्रगुप्त की पूजा
1. भाईदूज के दिन चित्रगुप्त भगवान के विग्रह की स्थापना करें।
2. चित्रगुप्त के विग्रह के सामने घी का दीपक जलाएं।
3. फूल और मिठाई चढ़ाएं, उन्हें एक कलम अर्पित करें।
4. सफेद कागज पर हल्दी लगाकर उस पर "श्री गणेशाय नमः" लिखें, फिर "ॐ चित्रगुप्ताय नमः" 11 बार लिखें।
5. भगवान चित्रगुप्त से विद्या,बुद्धि और लेखन के लिए वरदान मांगें।
6. चित्रगुप्त को चढ़ाई कलम को सुरक्षित रखें और पूरे साल इसका इस्तेमाल करें।
Updated on:
13 Nov 2023, 10:18 PM IST
Published on:
13 Nov 2023, 10:18 PM IST
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