बारातघरों पर कार्रवाई के लिए कोर्ट ने 15 दिन की और दी मोहलत, जानिए कौन हो सकते हैं बंद

- नए सिरे से लाइसेंस देने की प्रक्रिया निगम फिर करेगा प्रारंभ, 12 मार्च को होगी अगली सुनवाई
- दो दर्जन बारातघरों को अब तक अस्थाई लाइसेंस किया गया था जारी, उज्जैन की तर्ज पर रीवा में भी दी जाएगी अनुमति


रीवा। शहर में संचालित हो रहे बारातघरों को 15 दिन की और मोहलत मिल गई है। हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में नगर निगम ने लाइसेंस जारी करने के लिए 15 दिन का समय और मांगा, जिसके चलते कोर्ट ने समय दे दिया है। अब आगामी 12 मार्च को होने वाली सुनवाई से पहले नगर निगम को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया अपनानी है। इस दौरान जिन बारातघरों को लाइसेंस नहीं मिलेगा वह अवैध घोषित कर दिए जाएंगे।

यदि बिना लाइसेंस के इनका संचालन होता पाया जाएगा तो निगम सीज करने या फिर तोडऩे की कार्रवाई भी करेगा। हाईकोर्ट में लगाई गई एक जनहित याचिका में कुछ समय पहले ही नगर निगम को निर्देश जारी हुए थे कि शहर में जितने भी बारातघरों का संचालन हो रहा है, उन्हें निर्धारित शर्तों के अनुसार लाइसेंस जारी किया जाए। इसके लिए उज्जैन नगर निगम द्वारा बनाई गई उपविधियों का पालन किए जाने का उल्लेख किया गया है। जिसमें कई ऐसी शर्तें हैं जिनका पालन बहुत कम बारातघरों में होता दिख रहा है।

नगर निगम ने कुछ दिन पहले ही शहर में अवैध रूप से चल रहे बारातघरों को सीज करने की कार्रवाई प्रारंभ की थी। जिसके तहत करीब तीन दर्जन से अधिक की संख्या में सीज किए गए थे। वैवाहिक सीजन होने की वजह से जिन लोगों के घरों के कार्यक्रम थे वह लगातार निगम कार्यालय पहुंचकर कार्यक्रम की अनुमति मांगते रहे। इसलिए पहले तो आवेदन के अनुसार ही सीज किए बारातघरों को खोला जाता रहा लेकिन इसी बीच कुछ ने स्वयं ही खोल लिया।

जिस पर नगर निगम ने भी अधिक विरोध नहीं जताया। अधिकारियों ने कहा कि पहले से जो बुकिंग है उसमें आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस वजह से कोर्ट से अतिरिक्त समय मांगा गया है। अब उन बारातघरों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो शर्तों के अनुसार खरा उतरेंगे। जहां पर लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं पाया जाएगा उन्हें लाइसेंस जारी नहीं होगा।


- अधिकांश में शर्तों का पालन नहीं
शहर में करीब 85 की संख्या में बारातघरों को नगर निगम ने चिन्हित किया है। जिसमें दर्जन भर ही ऐसे हैं जिन्हें लाइसेंस दिया जा सकता है। अन्य का संचालन बंद करना होगा। उज्जैन नगर निगम द्वारा तैयार किए गए नियमों के तहत प्रमुख शर्तों में बारातघर की कुलभूमि का 25 प्रतिशत हिस्सा वाहन पार्किंग के लिए छोडऩा होगा। इसी तरह बारातघर के सामने जो सड़क गुजरती है वह कम से कम 40 फिट चौड़ाई की होनी चाहिए। इसके साथ ही प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग द्वार, कचरा प्रबंधन, अग्रिशमन, पेयजल आदि की पर्याप्त व्यवस्थाएं होना चाहिए। रीवा शहर में बड़ी संख्या में बारातघर अवैध हो जाएंगे।
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बारातघरों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए 15 दिन का समय और मांगा है। इस अवधि में शर्तों का जहां पर पालन होगा उन्हें लाइसेंस जारी करेंगे। अवैध बारातघरों को सीज करने और तोडऩे की कार्रवाई भी होगी।
सभाजीत यादव, आयुक्त नगर निगम
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Mrigendra Singh Reporting
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