जेसीबी से नष्ट कर दी सैकड़ों एकड़ फसल, जानिए क्यों

अचानक कंपनी के कर्मचारी जेसीबी लेकर नहर खोदने के लिए पहुंच गए और खड़ी फसल को रौदते हुए खोदाई शुरू कर दी है।

By: Mahesh Singh

Published: 08 Feb 2018, 12:24 PM IST


रीवा. नहर की खोदाई के लिए जेसीबी से सैकड़ों एकड़ खड़ी फसल नष्ट कर दी गई है। जिससे किसानों का गुस्सा भडक़ गया और वे जसीबी मशीन के सामने खड़े हो गए। किसानों की मांग है कि फसल काटने के बाद ही नहर की खोदाई कराई जाए। जबकि प्रशासन का कहना है कि मुआवजा दिया जा चुका है, लेकिन किसान जमीन पर अतिक्रमण किए हुए हैं। रीवा जिले की मिनी बाणसागर त्योंथर बहाव योजना के अंतर्गत जवा तहसील में नहर बनाने का काम मनटेना इन्फ्रा कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। कंपनी द्वारा सालों से नहर निर्माण का काम बंद रखा गया था जिससे किसानों ने खेतों में फसल बोई है। अचानक कंपनी के कर्मचारी जेसीबी लेकर नहर खोदने के लिए पहुंच गए और खड़ी फसल को रौदते हुए जेसीबी से खोदाई शुरू कर दी है।
इसकी जानकारी होने पर गांव के किसान इकट्ठे हो गए और विरोध किया। उनका कहना है कि फसल काटने के बाद काम शुरू किया जाए। इस संबंध में दर्जनों गांवों चौरीडांड़ी, रमगढ़वा, भिटौहा, वैसनपुर्वा, तेदुनी, कुठिला, बसरेही, गुझबा के किसानों ने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों एवं कंपनी पर मनमानी पूर्वक नहर निर्माण का आरोप लगाते हुए कहा कि उन लोगों की जमीन का मुआवजा तक नहीं दिया गया है। उसके वाबजूद नहर निर्माण कार्य में लगी कंपनी बिना कोई अग्रिम सूचना के फसल नष्ट कर रही है। वही इस संबंध में कम्पनी के जीएम भानू प्रकाश का कहना है कि शासन के निर्देश पर ही नहर खोदी जा रही है। फसल से उनका कोई लेना-देना नहीं है। कंपनी इसके लिए जिम्मेदार नहीं है।


दो साल से बंद था काम
किसान रामायण पयासी, मोहम्मद गुलजार, अली त्रिपुरारी, सिंह, सांतनु सिंह, राजेश तिवारी, सतेन्द्र कुशवाहा सहित अन्य किसानों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि दो साल से कम्पनी द्वारा निर्माण कार्य बंद किया गया था। जिसके चलते किसानों द्वारा फसल की बुबाई करा दी गयी थी। अब बिना कोई अग्रिम सूचना अचानक जेसीबी लगाकर नहर की खुदाई शुरू कर दी गयी है। जिसके चलते किसानों को भारी नुकसान होगा। किसानों ने कलेक्टर मांग की है कि इस पर रोक लगाई जाए अन्यथा किसान आंदोलन के लिए मजबूर होगा।


प्रशासन ने बताया अतिक्रमण
उधर प्रशासन ने कहा कि किसानों का विरोध उचित नहीं है। उनको मुआवजा दिया जा चुका है और जमीन खाली नहीं कर रहे हैं। नहर के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा लेने के बाद भी कब्जा जमाए लोगों समझाया गया है। कई स्थानों से अतिक्रमण भी हटाया गया और नहर निर्माण का रास्ता साफ किया गया है। त्योंथर बहाव योजना की नहर के गड़ेहरा गांव में किलोमीटर 9.60 से किमी 10 तक 400 मीटर, किमी 12.2 से किमी 12.7 तथा मुख्य नहर से 15.900 किमी तक अतिक्रमण हटाकर चिल्ला तक कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।


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नहरों के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहित की गई है। जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों ने कई बार किसानों से चर्चा की थी। हमने भी कई गांवों के किसानों से चर्चा की, अधिकांश लोगों ने कार्रवाई की सहमति दी थी, कुछ अड़चनें थी जिन पर कार्रवाई की गई है।
-केके पाण्डेय, एसडीएम त्योंथर

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