ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो हो जाइये सतर्क, नामी कंपनियों के नाम पर साइबर फ्राड का शिकार बने लोग, जानिए कैसे करें बचाव

पंतजलि, ओएलएक्स, टावर के नाम पर कई लोग गंवा चुके रुपए, थानों में शिकायतें, साइबर की मदद से ट्रेस कराने में लगी पुलिस

रीवा. साइबर फ्राड की घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाश समय-समय पर अपने तरीके बदलते रहते हैं। जब उनका पुराना तरीका काम करना बंद कर देता है तो वे नये तरीके से अपनाकर लोगों को शिकार बनाते हैं। वर्तमान में बदमाश विभिन्न कंपनियों के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। अनजाने में लोग इनके झांसे में आ रहे है। जानकारी के अनुसार साइबर फ्राड की घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाशों ने अब कंपनियों के नाम पर वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया है। अभी तक पंतजलि, ओलएसएक्स व टावर कंपनियों के नाम पर आधा दर्जन से अधिक लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं जिनके मामले थाने में दर्ज है। दरअसल शातिर बदमाश इस समय कंपनियों के नाम पर फर्जी आईडी बना रहे हैं। उसकी स्पेलिंग में एक दो शब्द आगे पीछे कर देते हंै जो आसानी से पकड़ में नहीं आता है। उसके बाद उक्त कंपनियों के नाम पर ऐजेंसी का विज्ञापन जारी कर लोगों को झांसे में लेते हैं। इसके बाद ऐजेंसी देने के नाम पर उनसे मोबाइल पर बात करते हैं और विभिन्न टैक्सों के नाम पर अलग-अलग किश्तों में रुपए जमा करवा लेते हैं। जब तक लोगों को ठगी की जानकारी होती है तब तक वे लाखों रुपए गवां बैठते हैं। उसके बाद बदमाश का मोबाइल बंद हो जाता है और उसका पता नहीं चलता है। ऐसी कई शिकायतें थानों में पेडिंग में है जिसमें ठगी करने वाले बदमाशों का कोई पता नहीं चल पाया है।

केस - 1
पनवार थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति से दो माह में कियोस्क सेंटर देने के नाम पर खाते में लाखों रुपए जमा करवाए गए। जब पीडि़त ने आगे रुपए डालने से मना कर दिया तो बदमाश मोबाइल बंद करके लापता हो गए। पनवार थाने मेें धोखाधड़ी का मामला कायम हुआ था जिसमें आरोपियों का पता नहीं चला।

केस - 2
बिछिया में रहने वाले एक व्यक्ति से ओएलएक्स में वाहन बेंचने के नाम पर ठगी हुई है। उनको ओएलएक्स में गार्ड की फोटो दिखाकर एक बदमाश ने सेना का अधिकारी बनकर उनसे खाते में रुपए जमा करवा लिये। वह आगे भी रुपए मांग कर रहा था लेकिन पीडि़त द्वारा रुपए नहीं देने पर उसने मोबाइल बंद कर लिया।

केस -3
पंतजलि की ऐजेंसी देने के लिए एक व्यक्ति से ठगी हुई है। उसने पंतजलि की साइड से नम्बर लेकर कांटेक्ट किया था जिसमें ऐजेंसी देने के लिए रुपए जमा कराए गए। इसके बाद टैक्स सहित अन्य कारणों से अलग-अलग किश्तों में रुपए जमा करवाने के बाद बदमाश लापता हो गए।

साइबर टीम ट्रेस करने में लगी
कंपनियों के नाम लगातार मिल रही शिकायतों के बाद साइबर टीम वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को ट्रेस करने में लगी है। पुलिस ने इस गिरोह के संबंध में काफी हद तक जानकारियां जुटा ली है और इनके जल्द पकड़े जाने की संभावना भी है।

एफबी की सबसे ज्यादा शिकायतें
लोगों को आपस में जोडऩे वाली फेसबुक साइड का उपयोग इस समय सबसे अधिक अपराधों के लिए हो रहा है। फेसबुक के नाम पर फर्जी आईडी तैयार करना, अश्लील वीडियो व फोटो अपलोड करने की दो दर्जन से अधिक शिकायतें थानों में लंबित है जिसमें आधा दर्जन शिकायतें काफी गंभीर है। इस तरह की घटनाओं का सबसे अधिक शिकायत लड़कियां द्वारा हो रही है जिनका वीडियो फेसबुक पर अपलोड हो रहा है।

साइबर फ्राड के तरीके
1- लोगों के मोबाइल पर फोन पर एटीएम ब्लाक होने की जानकारी देते है और उनके मोबाइल में आने वाले ओटीपी को पूंछ लेते हंै। एक बार ओटीपी मिलने के बाद फिर वे आसानी से खाते से रुपए निकाले जा सकते हैं।
2- एटीएम को बदमाश ब्लाक कर देते हैं। जब भी कोई रुपए निकालने जाता हैं तो उसके रुपए नहीं निकलते हैं और बाद में उसकी मदद के बहाने कार्ड बदलकर पिन नम्बर देख लेते है। बाद में उनके खाते से रुपए निकाल लेते है।
3- एटीएम मशीनों में मौजूद बटन पर एक बारीक पालीथिन लगा देते हैं। जब भी कोई रुपए निकालने के लिए पिन नम्बर डालता है तो वह अंक पालीथिन में अंकित हो जाता है। इसके बाद मशीन में स्टीमर लगाकर कार्ड का क्लोन तैयार करते है और रुपए निकाल लेते हैं।

ऐसे करें बचाव
1- अपना ओटीपी किसी से शेयर न करें। कई बार एटीएम बंद होने का झांसा देकर बदमाश ओटीपी पूंछ लेते हैं। उसके बाद वे आईडी तैयार कर लेंगे और पासवर्ड बनाकर रुपए निकाल लेंगे। ओटीपी मिलने पर वे ऑनलाइन शापिंग, रुपए ट्रांसफर, इससे सिम क्लोजिंग कर खाताधारक का नम्बर तैयार कर लेते हैं।
2- जब भी रुपए निकालने जाये तो यह अवश्य देख लें कि बटन के ऊपर कैमरा तो नहीं लगा है। कार्ड डालने से पूर्व चेक कर ले कि स्टीमर तो नहींहै।
3- अपना ओटीपी नम्बर किसी को शेयर न करें। फोन लगाकर चाहे कोई भी पूंछे लेकिन उसको ओटीपी नम्बर किसी हालत में न दें।
4- जब भी एटीएम में रुपए निकालने जाएं तो यह अनिवार्य रूप से देख लें कि उसमें अनावश्यक भीड़भाड़ न हो। एटीएम बूथ में किसी की मदद न लें और न ही किसी को अपना कार्ड दें।

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Balmukund Dwivedi
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