भैंसा गांव में पहुंच सकता बिजली सब स्टेशन, अब इस समस्या का करना पड़ेगा सामना

भैंसा गांव में पहुंच सकता बिजली सब स्टेशन, अब इस समस्या का करना पड़ेगा सामना

Sunil Lakhera | Publish: Sep, 04 2018 09:52:07 AM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

कैंट बोर्ड ने नहीं दी जमीन, जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता से बढ़ेगी लोगों की परेशानी

सागर. सदर सहित पूरे एमइएस क्षेत्र में सरकारें भले ही योजनाओं का लाभ देने के लिए प्रयास कर रहीं हों, लेकिन स्थानीय व्यवस्थापक ही उसमें अड़ंगा बन रहे हैं। कहने को तो कैंट बोर्ड है और उसकी अपनी सरकार भी है, लेकिन क्षेत्र की समस्याओं को लेकर कोई आगे नहीं आ रहा है। यही कारण है कि बीते एक साल से कैंट बोर्ड से जमीन की मांग कर रही बिजली कंपनी ने अब सब स्टेशन को भैंसा में शिफ्ट करने का मन बना लिया है, जबकि केंद्र सरकार की इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आइपीडीएस) के तहत स्वीकृत सब स्टेशन का निर्माण कैंट क्षेत्र में किया जाना था।
कैंट क्षेत्र में आने वाले सदर व एमइएस क्षेत्र में सालों से ग्रामीण डिवीजन में आने वाले भैंसा व करीला सब स्टेशन से सप्लाई की जा रही है। लोड बढऩे के कारण यहां पर आए दिन वोल्टेज व फॉल्ट जैसी समस्याएं आती हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आइपीडीएस योजना के तहत केंट क्षेत्र में ३३केवी सबस्टेशन को मंजूरी दी गई थी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अपने ही क्षेत्र के रहवासियों और व सेना के जवानों की सुविधा के लिए किए जा रहे इस प्रयास में कैंट बोर्ड आड़े आ रहा है, जबकि बिजली कंपनी बीते एक साल से प्रयासरत है। यदि कैंट बोर्ड बिजली कंपनी को जमीन उपलब्ध करा देता है तो यहां पर बिजली सप्लाई की समस्या का निदान हो जाएगा। यदि सब स्टेशन भैंसा में शिफ्ट होता है तो सप्लाई संबंधी समस्या जस की तस रहेगी।
१९.५ लाख रुपए मांग रहे हैं किराया
बिजली कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार यह प्रोजेक्ट करीब एक साल से टल रहा है, इसके पहले केंट की मौखिक स्वीकृति के बाद सब स्टेशन निर्माण शुरू करा दिया था, जिसमें करीब पांच-सात लाख रुपए व्यय कर दिए, लेकिन कैंट के अधिकारियों ने काम रुकवा दिया। यही कारण है कि बिजली कंपनी ने अगस्त माह में फिर से कैंट बोर्ड के सामने जमीन आवंटन की बात रखी थी, लेकिन बोर्ड जमीन के बदले सालाना १९.५० लाख रुपए किराए की बात कर रहा है और बिजली कंपनी यह किराया देने के लिए तैयार नहीं है।
ये बोले जिम्मेदार
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर तो चर्चा की है, लेकिन यह स्वीकृति रक्षा संपदा से होनी है। इसको लेकर मैं दिल्ली में डायरेक्टर जनरल (स्टेट) से बात करूंगा। जिससे कैंट क्षेत्र में बिजली संबंधी समस्या का निदान हो सके।
लक्ष्मीनारायण यादव, सांसद
इस मामले को लेकर मैं लगातार कैंट बोर्ड और बिजली कंपनी के संपर्क में हूं। हमारा प्रयास है लोगों को सुविधा दिलाना है। इस मामले को लेकर एक-दो दिन में कलेक्टर से भी मुलाकात कर चर्चा करूंगा।
प्रदीप लारिया, विधायक नरयावली
यह जनता के हित की बात है और हम हमेशा ही जनता के पक्षधर रहेंगे। बोर्ड ने अनुशंसा करके स्वीकृति के लिए रक्षा संपदा को पत्र भेज दिया है। अब यह जिम्मेदार कैंट प्रशासन की है कि वो पहल करे और जल्द से जल्द स्वीकृति दिलाए।
शेखर चौधरी, उपाध्यक्ष कैंट बोड

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