संभाग में एक लाख से अधिक बच्चे कुपोषण की जद में

संभाग में एक लाख से अधिक बच्चे कुपोषण की जद में

Manish Kumar Dubey | Publish: Sep, 02 2018 05:38:57 PM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

राष्ट्रीय पोषण माह शुरू : आंगनबाड़ी केंद्रों पर तमाम सुविधाओं के बाद नहीं सुधर रहे हैं हालात

सागर. सागर संभाग में कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी नहीं आ पा रही है। शासन प्रशासन की तमाम कवायद व योजनाओं के बाद भी कुपोषण से जिले को मुक्ति नहीं मिल पा रही है। अब भी 0 से 5 वर्ष के हजारों नौनिहाल कुपोषण के शिकार हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग का दावा है कि बीते सालों की अपेक्षा कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी आई है, लेकिन आंकड़े कुछ और ही हकीकत बता रहे हैं। संभाग में कम वजन के बच्चों की संख्या 1 लाख २4 हजार 913 है। अधिक वजन के बच्चे 11686 हैं। सागर जिले की बात करें तो यहां अब भी हजारों नौनिहाल कुपोषण के शिकार हैं। यहां आंगनबाड़ी केंद्रों पर कम वजन के बच्चों की संख्या 30 हजार 536 दर्ज है, वहीं अतिक वजन के बच्चे 2890 हंै। शासन द्वारा आंगनबाड़ी स्तर पर कुपोषित बच्चों के लिए तमाम तरह की सुविधाएं व संसाधन मुहैया कराए गए हैं। बावजूद जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी नहीं आ रही है।
हर माह आता है ३०० मीट्रिक टन पोषण आहार
सागर जिले के २६२३ केंद्रों पर २ लाख से अधिक बच्चों की संख्या दर्ज है। हर माह केंद्रों के लिए २५० से ३०० मीट्रिक टन पोषण आहार की जरूरत होती है। आंगनबाड़ी केंद्रों में कुपोषित बच्चों के लिए गर्म नाश्ता भोजन, पूरक पोषण आहार सहित समय पर उपचार आदि की भी व्यवस्था की गई है। गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों व जिला चिकित्सालय में अलग से व्यवस्था की है। बावजूद तमाम जतन के बाद भी कुपोषण से मुक्ति नहीं मिल पा रही है।

 

संभाग की स्थिति
वजन लिए गए बच्चे
820665
सामान्य
684066
कम वजन
124913
अति कम वजन
11686

जिले की स्थिति
वजन लिए गए बच्चे 232261
सामान्य
198835
कम वजन
30536
अति कम वजन
2890

 

ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाएं पर्याप्त पोषण आहार नहीं लेती हैं, इस वजह से जन्म लेने वाले बच्चे कुपोषित पैदा हो रहे हैं। इसके लिए सिर्फ महिला जिम्मेदार नहीं है बल्कि पुरुष भी जिम्मेदार हैं।
डॉ.मधु जैन, प्रभारी एनआरसी

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