श्मशानघाट में लकड़ी न होने से अंतिम संस्कार के लिए करना पड़ा इंतजार

पुलिसकर्मियों ने लकड़ी खरीदकर कराया अंतिम संस्कार

By: sachendra tiwari

Published: 18 Apr 2021, 10:19 PM IST

बीना. गौंडा यूपी निवासी एक व्यक्ति की ट्रेन में शनिवार को मौत हो गई थी और सूचना देने के बाद रविवार को परिजन बीना आए थे। जीआरपी शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए इटावा श्मशानघाट पहुंचे थे, जहां लकड़ी नहीं थी और नगरपालिका अधिकारियों को फोन लगाने के बाद जब लकड़ी नहीं आई तो दो घंटे बाद पुलिसकर्मियों ने ही मानवता दिखाते हुए लकड़ी खरीदकर अंतिम संस्कार कराया।
मिली जानकारी के अनुसार सिकंदराबाद से झांसी की यात्रा कर रहे सीताराम कोरी (५०) की मौत दक्षिण एक्सप्रेस में यात्रा दौरान शनिवार को हुई थी, जिसे जीआरपी ने स्टेशन पर उतारा और परिजनों को सूचना देकर बीना बुलाया था। परिजनों के आने के बाद रविवार की दोपहर जीआरपी के प्रधान आरक्षक रघुवीर सिंह और आरक्षक सौरभ श्रीवास्तव इटावा स्थित श्मशानघाट में शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए पहुंचे थे, लेकिन वहां लकड़ी उपलब्ध नहीं थी। इस संबंध में सीएमओ को सूचना दी गई थी, लेकिन दो घंटे बाद भी जब वहां लकड़ी नहीं पहुंची तो जीआरपी के पुलिसकर्मियों तीन क्ंिवटल लकड़ी खरीदकर लाए और नपा के कोई कर्मचारी न होने पर स्टेशन से ही शव उठाने वालों को बुलाकर चिता बनवाकर अंतिम संस्कार कराया। यदि पुलिसकर्मी लकड़ी नहीं खरीदते तो शायद शाम तक भी अंतिम संस्कार नहीं हो पाता। नपा द्वारा श्मशानघाट में लकड़ी की व्यवस्था नहीं कराई जाती है और जरूरत पडऩे पर लोग परेशान होते हैं। इस ओर जनप्रतिनिधियों द्वारा भी ध्यान नहीं दिया जाता है।

sachendra tiwari Reporting
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