डाक विभाग का उपसंभागीय निरीक्षक ले रहा था घूस, लोकायुक्त टीम ने एेसे दबोचा

डाक विभाग का उपसंभागीय निरीक्षक ले रहा था घूस, लोकायुक्त टीम ने एेसे दबोचा

Sanket Shrivastava | Publish: Jul, 14 2018 10:37:32 AM (IST) | Updated: Jul, 14 2018 10:37:33 AM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

पोस्टमैन से तीन माह के वेतन आहरण के बदले मांगे थे 15 हजार रुपए

सागर. डाक विभाग के उपसंभागीय निरीक्षक को शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस ने मनोरमा कॉलोनी के एक घर में रिश्वत लेते समय गिरफ्तार कर लिया। उसने विभाग के ही एक पोस्टमैन से तीन माह के वेतन आहरण कराने के बदले में 15 हजार रुपए की मांग की थी। परेशान होकर पोस्टमैन ने लोकायुक्त एसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायत की थी। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत पर जाल बिछाया।
पोस्टमैन से चर्चा के दौरान उपसंभागीय निरीक्षक राजी हो गया और मामला 5 हजार रुपए में तय हो गया। लोकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े ने बताया कि डाक विभाग के पोस्टमैन मयंक सिंह ठाकुर पिता शगुन सिंह ठाकुर (24) निवासी मकरोनिया ने उपसंभागीय निरीक्षक अंकित द्विवेदी द्वारा 5 हजार रुपए की रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। शिकायत की पुष्टि होने पर मयंक को रिश्वत देने के लिए भेजा। वह शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे मनोरमा कॉलोनी स्थित विवेक जैन के घर पहुंचा। उसने यहां अंकित द्विवेदी को रिश्वत में 5 हजार रुपए दिए। जैसे ही रुपए देने के बाद मयंक ने बाहर लौटकर इशारा किया तो पहले से तैयार लोकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े ने अपनी टीम के साथ अंकित को पकड़ लिया। वह लोकायुक्त पुलिस को देखकर घबरा गया। उसने रिश्वत में ली राशि छिपाने की कोशिश की। लोकायुक्त पुलिस ने उसे पकड़कर रुपए जब्त करके हाथ धुलाए तो वे गुलाबी हो गए। जिसके बाद रिश्वत के आरोपी अंकित द्विवेदी को गोपालगंज थाने लाकर पूछताछ की गई। उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

गौरतलब है कि लोकायुक्त को इस संबंध में लंबे समय से शिकायत मिल रही थी। लोकायुक्त टीम इस बात को लेकर वह हर हरकत पर नजर जमाए हुए थी। उन्होंने मौका मिलते ही कार्रवाई की आैर मामला बनाया। इस बात को लेकर आवेदक ने कहा कि वह लंबे समय से परेशान हो रहा था। इसके जैसे और भी कई लोग है इसी कारण से परेशान हो रहे हैं। लेकिन हर आदमी शिकायत नहीं कर सकता है। और कई बार इनके चक्कर में आकर मजबूर हो जाता है।

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