...तो सरकार गरीबी रेखा की सूची में ही जोड़ दे हमारा नाम, देने लगे सभी लाभ

...तो सरकार गरीबी रेखा की सूची में ही जोड़ दे हमारा नाम, देने लगे सभी लाभ

Samved Jain | Publish: Mar, 14 2018 02:46:25 PM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने नारेबाजी की

सागर. संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने मंगलवार दोपहर कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी की। सेवा समाप्ति की चेतावनी के आखिरी दिन कलेक्ट्रेट पहुंचे संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने नियमितीकरण की स्थिति न बनने तक नाम गरीबी रेखा की सूची में जोडऩे और उसके तहत मिलने वाले लाभ दिए जाने की अपील की। संविदा स्वास्थ्यकर्मचारी संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अमिताभ चौबे के नेतृत्व में संविदाकर्मी नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर आलोक कुमार ङ्क्षसह के न होने पर संविदाकर्मी कलेक्टर कक्ष के सामने जमीन पर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना था सरकार हर बार आश्वासन देकर पीछे हट जाती है। लगातार कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं लेकिन फिर भी सरकार उनकी परेशानी नहीं सुन रही है। सरकार के पास यदि उन्हें नियमित करने के हालात नहीं हैं तो वे मांग करते हैं कि प्रदेश भर में १९ हजार संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को गरीबी रेखा सूची में शामिल कर लिया जाएगा। उन्हें और उनके परिवारों को वे सब लाभ दिए जाएं तो गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों को मिल रहे हैं।


वेतन विसंगति को लेकर वनकर्मियों ने सौंपा ज्ञापन
सागर. सागर वृत्त के वन कर्मचारियों ने वेतन विसंगति की मांग को लेकर मंगलवार को रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया गया है कि वनरक्षक से लेकर पीसीसीएफ तक वर्दी लागू की जाए। वनरक्षक को १९०० ग्रेड पे दिया जा रहा है, जबकि इन्हीं कर्मचारियों के बराबर काम करने वाले दूसरे कर्मियों को इससे कहीं अधिक ग्रेड पे दिया जा रहा है। वनरक्षकों को २४००, वनपाल को २८००, डिप्टी रेंजर को ३२०० और रेंजर को ४२०० ग्रेड पे दिया जाना चाहिए। इससे पहले कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय में नारेबाजी की। उनका कहना था कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।


आशाकार्यकर्ता बोलीं- हमें भी चाहिए नियमित वेतनमान
सागर. नियमितीकरण की मांग को लेकर धरने पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी है। मंगलवार को को-ऑपरेटिव बैंक के बाजू वाले मैदान में आशा कार्यकर्ताओं ने धरने पर बैठ कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन की पदाधिकारियों ने बताया कि शासन कि स्वास्थ्य योजनाओं का कि क्रियान्वयन के लिए वे 8 से 10 घंटे की कड़ी मेहनत कर रहीं हैं लेकिन उन्हें शासकीय कर्मचारी जैसा कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इसके बदले में शासन उन्हें 500 से 1000 रुपए केवल प्रोत्साहन राशि के रूप में देता है। पदाधिकारियों का कहना था कि उन्हें भी काम के अनुसार वेतनमान और संविदा कर्मचारी बनने का हक है। संगठन का नेतृत्व कर रही मधु सेन, दर्शना राजपूत, ज्योति पांडेए हरिबाई कुर्मी, सविता अहिरवार, कल्पना, सीमा, कंचन, कविता आदि का कहना था। यदि मांगे पूरी नहीं होती हैं तो यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।

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