जिन जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिया साथ, उसके खिलाफ होगा आंदोलन, करणी सेना ने भी भरा दम

जिन जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिया साथ, उसके खिलाफ होगा आंदोलन, करणी सेना ने भी भरा दम

Manish Kumar Dubey | Publish: Sep, 10 2018 04:25:39 PM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

23 को निकालेंगे जन-आक्रोश रैली, 6 सितंबर को सभी वर्गों और समाज का बंद था : लोकेन्द्र

सागर. एट्रोसिटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए संशोधन को केंद्र सरकार द्वारा रद्द किए जाने के बाद शुरू हुआ विरोध अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। सपाक्स समाज ने आंदोलन के आगे की रणनीति को लेकर रविवार को पहलवान बब्बा मंदिर में शाम ५ बजे एक बैठक का आयोजन किया। जिसमें यह तय किया गया है कि सवर्ण, ओबीसी व अल्पसंख्य मिलकर २३ सितंबर को जनआक्रोश रैली का आयोजन करेंगे।
इसमें उन जनप्रतिनिधियों का के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा जो सवर्ण, ओबीसी व अल्पसंख्यक जातियों के होने के बाद भी एससी-एसटी के खिलाफ किए आंदोलन से दूरी बना रहे हैं। बैठक की अध्यक्ष सर्व ब्रह्मण समाज अध्यक्ष देवी प्रसाद दुबे ने की। बैठक में विहिप प्रदेशाध्यक्ष शिवशंकर मिश्रा, सपाक्स जिलाध्यक्ष कपिल स्वामी, शिवसेना प्रदेश उपप्रमुख पप्पू तिवारी, कपिल दुबे, चंदू चौबे, प्रियंक दुबे सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
इनका किया सम्मान
संतोष सोनी मारूती, सिंधी समाज अध्यक्ष भीष्म राजपूत, खिमलासा से आई मानस जैन, सपाक्स जिलाध्यक्ष कपिल स्वामी, वारिज तिवारी, गौरव चौबे सहित आदि का शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों के नाम भी सम्मान के लिए शामिल किए गए थे, व्यवस्तता के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके, सपाक्स उनका घर पहुंचकर सम्मान करेगा।

करणी सेना के राष्ट्रीय संरक्षक लोकेंद्र सिंह ने रविवार को पत्रकारवार्ता में कहा कि एससी-एसटी एक्ट पर जब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया तो केंद्र सरकार ने उसे पलट दिया। 6 सितंबर का भारत बंद सभी वर्गों और समाज के लोगों का था। सिंह यहां अल्प प्रवास पर
आए थे।
उन्होंने कहा कि सरकार की यह दोहरी नीति क्यों? हमें सब समझ आता है। अब हम समझा भी देंगे और दिखा भी देंगे। शांतिपूर्ण भारत बंद भी इसी का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि 23 सितंबर को करणी सेना की स्थापना के 12 वर्ष पूरे होने पर चित्तौडगढ़़ में आरक्षण और एक्ट में बदलाव की समीक्षा कर रहे हैं। इसके बाद आंदोलन के आगे की रूपरेखा बनेगी। सवर्णों द्वारा किए गए भारत बंद के सवाल पर उन्होंने कहा कि वर्ण होता है, सवर्ण कुछ नहीं। यह कतिपय लोगों का दिया हुआ शब्द है। हम अनारक्षित हैं, सवर्ण नहीं।
ब्राह्मण समाज ने किया स्वागत
करणीसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह कालपी के आगमन पर ब्राह्मण समाज ने सम्मान किया। इस अवसर पर युवा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष भरत तिवारी, नितिन पचौरी, राहुल व्यास, रोहित तिवारी, कपिल दुबे, वारिज तिवारी, शैलू आदि विप्र बंधु मौजूद थे।

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