कोरोना: देवबंदी आलिम बाेले, जब इंसान अधिक गुनाह करता है ताे इस तरह की महामारी आती है

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  • देवबंदी उलेमाओं ने कहा जब मनुष्य अधिक गुनाह में शामिल हाेता है तो इस तरह की महामारी फैलती है। यह समय इबादत करने और चिकित्सकों की सलाह मानने का है।

सहारनपुर : कोरोना वायरस की जटिलताओं के बीच इल्म की नगरी के मोलानाओं ने भी साफ सफाई रखने की अपील की है। देवबंदी आलिम ने कहा है कि जब-जब इंसान अधिक गुनाह करता है तो इस तरह की माहामारी फैलती है।

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दुनियाभर में कोरोना काे लेकर एतियात बरते जा रहे हैं। इसी बीच इल्म की नगरी देवबंद से भी आवाज उठी है। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए देवबंदी उलेमा मुफ्ती असद कासमी ने भी लाेगाें से अपील की है। विशेष रूप से उन्होंने साफ सफाई प बल दिया है उन्हाेने कहा है कि, लाेग अधिक से अधिक अपने मकानो और मौहल्ले के में सा सफाई का ध्यान रखें। उन्हाेंने यह भी कहा है कि, फिलहाल का समय दुआ करने का है। मदारिस हों या मसाजिद हों ज़्यादा से ज़्यादा दुआओं का अहतमाम किया जाना चाहिए। इसकी वजह बताते हुए कहा कि, जब जब इंसान ज़्यादा गुनाहों के अंदर शामिल होता है तो खुदा की ओर से ऐसे आज़ाब आसमानी दुनियां से नाज़िल होने शुरू हो जाते हैं। इसलिए तमाम लोगों को खुदा के सामने रजू करना चाहिए। अपने गुनाहों के लिए मांफी मांगनी चाहिए। उन्हाेंने दुआओं का अहतमाम करने की अपील की है।

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उन्हाेंने सिर्फ धार्मिक तर्क ही नहीं दिए बल्कि यह भी कहा कि, विज्ञान पर भी एतबार जरूरी है। इस महावारी से बचने के लिए उन अपीलों का भी अहतमाम किया जाए जाे चिकित्सकों की ओर से की जा रही हैं। ज़्यादा से ज़्यादा लोग इन चीज़ो पर गौर करें और मसाजिद के अंदर वो लोग बिल्कुल न जाएं जिनके अंदर कोरोना वाइरस के ज़रा से भी लक्षण हों। ऐसे लेगाें काे अपने घर पर ही रहना चाहिए। ऐसे लोग अपने घरो के अंदर ही अपना इलाज कराएं।

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