बिहार चुनाव में चुनाव आयोग ने 68 दागी कार्मिकों को चुनाव से अलग किया

(Bihar News ) बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar assembly election ) कराना चुनाव आयोग (Election commission ) के लिए लोहे के चने चबाने से कम नहीं रहा हैं। बिहार अपराधी और नेताओं (Nexus of criminals and politicians ) के गठजोड़ की राजनीति के कुख्यात रहा है। चुनावों में सरकारी मशीनरी का भी जमकर दुरुपयोग होता आया है। इसी के तहत ऐसे 68 कार्मिक की पहचान कर इन्हें चुनाव से अलग रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

By: Yogendra Yogi

Published: 24 Aug 2020, 08:14 PM IST

समस्तीपुर(बिहार): (Bihar News ) बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar assembly election ) कराना चुनाव आयोग (Election commission ) के लिए लोहे के चने चबाने से कम नहीं रहा हैं। बिहार अपराधी और नेताओं (Nexus of criminals and politicians ) के गठजोड़ की राजनीति के कुख्यात रहा है। चुनावों में सरकारी मशीनरी का भी जमकर दुरुपयोग होता आया है। इन्ही के मदï्देनजर चुनाव आयोग बिहार में साफ-सुथरे और अपराधरहित चुनाव कराने की तैयारी में जुटा हुआ है। इसी के तहत चुनाव आयोग ने चुनाव को प्रभावित करने की संभावनाओं के मदï्देनजर ऐसे अफसर-कर्मचारियों की पहचान की है, जिनकी छवि चुनावी दृष्टि से प्रतिकूल है। ऐसे 68 की पहचान कर इन्हें चुनाव से अलग रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें सर्वाधिक कार्मिक भोजपुर जिले से हैं।

पिछले चुनाव में रहे संदिग्ध
चुनाव आयोग ने बिहार के 68 दागी अफसर और कर्मियों की सूची जारी की है। चुनाव आयोग ने निर्देश देते हुए कहा है कि इन 68 दागी अफसरों को बिहार विधानसभा चुनाव के कार्यों से अलग रखा जाए। इसके साथ की चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों से इन दागी अफसरों की वर्तमान तैनाती की जानकारी भी मांगी है। पिछले विभिन्न चुनावों में संदिग्ध गतिविधि और लापरवाही के आरोपित राज्य के इन कर्मियों पर कार्रवाई की गई है।

दागियों का मांगा ब्यौरा
चुनाव आयोग के निर्देशानुसार अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रंजीता ने सभी दागी अफसरों की एक लिस्ट जारी की है। आयोग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी से वर्तमान में वो किस जगह तैनात हैं, इस बात की जानकारी ली है। यदि इनमें से किसी को आयोग के संज्ञान में लाए बिना दोषमुक्त करार दिया गया है तो इसकी जानकारी भी चुनाव आयोग को दी जाए। चुनाव आयोग ने दागी बताए गए सभी अफसर व कर्मियों को चुनाव कार्य से अलग रखने का निर्णय लिया है।

15 दिन में मांगी रिपोर्ट
निर्वाचन कार्य के दौरान इन कर्मचारियों-अधिकारियों का नियंत्रण चुनाव आयोग ही करेगा। आयोग की ओर से जारी सूची में शामिल अधिकतर लोगों पर विभागीय कार्रवाई चल रही है और इनमें से कुछ पर दंडात्मक कार्रवाई भी हो चुकी है। चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा है कि वे इन आरोपित अफसर-कर्मियों के संबंध में 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपे, ताकि चुनाव के दौरान इनकी भूमिका के संबंध में निर्णय लिया जा सके।

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