एटीएम उखाडऩे की दो वारदातों के बाद अब कैश बॉक्स काट दिया

पुलिस को हर बार चुनौती दे रहे अपराधी, एटीएम में घटनाओं के बाद नहीं लगा कोई सुराग, पुलिस की रात्रि गश्त पर लग रहे सवालिया निशान

सतना. अमरपाटन से एसबीआई का एटीएम और सज्जनपुर से वन इण्डिया का एटीएम उखाडऩे के बाद अब बीच शहर में एटीएम का कैश बॉक्स बदमाशों ने काट दिया। इन दोनों वारदातों के बाद से अब तक पुलिस लकीर ही पीट रही है और यह तीसरी घटना भी सामने आ गई। सिटी कोतवाली क्षेत्र में स्टेशन रोड स्थित एक एटीएम में तोडफ़ोड़ किए जाने की घटना सामने आई है। माना जा रहा है कि एटीएम से रुपए चुराने के लिए मशीन के साथ छेड़छाड़ और तोडफ़ोड़ की गई है। तकनीकी समस्या के कारण बैंक प्रबंधन अभी यह बताने की स्थिति में नहीं है कि मशीन मे मौजूद रुपयों की चोरी हुई है अथवा नहीं।
ओबीसी बैंक का है एटीएम
स्टेशन रोड में ग्रीन टॉकीज के पास ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की ब्रांच के बाहर बैंक का एटीएम है। इस ऑटोमेटेड टेलर मशीन में रुपए निकालने और जमा करने, दोनों प्रकार की सुविधा है। बैंक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक एटीएम में कोई सुरक्षा प्रहरी स्थाई तौर से तैनात नहीं है लेकिन इसे नियमित रूप से खोलने और बंद करने के लिए मनीष द्विवेदी नाम के अस्थाई कर्मचारी की ड्यूटी है। मालूम हुआ है कि गुरुवार 13 फरवरी की रात करीब 10.30 बजे मनीष ने एटीएम की शटर पर ताला लगाया था। शुक्रवार 14 फरवरी की सुबह करीब 7 बजे जब वह एटीएम की शटर खोलने आया तो शटर पर लगा ताला टूटा था। शटर उठाकर जब उसने अंदर देखा तो वहां मशीन के परखच्चे उड़े हुए थे। मनीष ने इसकी सूचना बैंक मैनेजर आदित्य आनंद को दी। जिसके बाद आदित्य आनंद एवं अन्य बैंक कर्मचारी मौके पर पहुंचे। एटीएम का हाल देखते ही समझ में आया कि रुपए चुराने के लिए मशीन में छेड़छाड़ की गई है लिहाजा बैंक प्रबंधक आदित्य आनंद ने विशेष सहायक दिनेश श्रीवास्तव के साथ जाकर सिटी कोतवाली पुलिस को घटना से अवगत कराया। कोतवाली पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद एटीएम के शटर पर ताला लगाकर चाबी अपने पास सुरक्षित रख ली।
मुंबई से आएंगे इंजीनियर
बैंक कर्मचारी एवं यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के महासचिव दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि एटीएम के कैश बॉक्स तक पहुंचने के लिए कई महत्वपूर्ण पार्ट को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। कैश प्लेट तोड़ी- काटी गई हैं। मशीन को संभवत: किसी कटर से काटा गया है। पुर्जों के तहस-नहस हो जाने की वजह से कैश बॉक्स बाहर नहीं आ पाया है जिसके चलते यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मशीन में कैश सुरक्षित है अथवा नहीं। उन्होंने बताया कि कैश बॉक्स निकालने के लिए जबलपुर से इंजीनियर को यहां बुलाया गया था लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। अब मुंबई से इंजीनियर यहां आएंगे। उसके बाद ही साफ होगा कि कैश बॉक्स में रकम सुरक्षित है या नहीं?
7 लाख से अधिक की थी रकम
बैंक सूत्रों के अनुसार, 13 फरवरी की रात करीब 8 बजे इस एटीएम में 7 लाख 36 हजार रुपए थे। एटीएम बंद करने वाले मनीष द्विवेदी की मानें तो रात करीब 10.30 बजे एटीएम बंद कर दिया गया था। इस लिहाज से अनुमान लगाया जा सकता है कि ढाई घंटे में अधिक से अधिक लाख दो लाख रुपए की निकासी हुई होगी। यानी अगर चोर के हाथ कैश बॉक्स लगा होगा तो मुमकिन है कि लगभग 5 लाख या इससे अधिक की चोरी यहां हुई होगी। बहरहाल, इसका खुलासा तो कैश बॉक्स खुलने के बाद ही होगा।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई तस्वीर
मालूम हुआ है कि एटीएम के अंदर खुफिया कैमरे लगे हुए हैं। बदमाश की पूरी हरकत इन कैमरों ने रिकॉर्ड कर ली है। रिकॉर्डिंग से पता चलता है कि एक व्यक्ति ने मध्य रात्रि लगभग 2 बजे एटीएम कक्ष में प्रवेश किया। जब यह भीतर दाखिल हुआ तब इसका चेहरा खुला हुआ था बाद में इसने मंकी कैप पहन लिया। सुबह लगभग 4 बजे यह एटीएम से निकल कर चला गया।
लाखों का नुकसान
एटीएम के अंदर से कितनी रकम चोरी हुई है इसका खुलासा तो बाद में होगा फिलहाल मशीन में जो नुकसान हुआ है उसे लेकर यह कहा जा रहा है कि यह भी काफी बड़ा नुकसान है। सूत्र बताते हैं कि इस मशीन की कीमत 5 से 6 लाख के बीच है। बदमाश ने पूरी तरह से मशीन की सर्जरी कर डाली है। कई महत्वपूर्ण पुर्जों को नुकसान पहुंचा है।
पुलिस के लिए चुनौती नहीं तो और क्या है?
बीते साल 2019 के सितंबर महीने में अमरपाटन थाना क्षेत्र अंतर्गत घटना हुई थी। सतना अमरपाटन मार्ग में सहारा बैंक के पास स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम को बदमाशों ने अपना निशाना बनाया था। बदमाश यहां से पूरा सिस्टम ही उखाड़ ले गए थे। जो एटीएम यहां से उठा ली गई थी उसमें 29 लाख 55 हजार चार सौ रुपए थे। किसी चार पहिया वाहन की मदद से एटीएम को उखाड़ कर घसीटते हुए ले जाया गया था। घटना के बाद लगभग एक दर्जन टीमें आरोपियों की तलाश में लगाई गई थी। लेकिन इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने वाले आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हो सके हैं। जबकि अमरपाटन की घटना के बाद जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र में भी ठीक ऐसी ही घटना की पुनरावृत्ति हो चुकी है। सज्जनपुर में विगत 2 जनवरी को घटना हुई थी जिसमें एटीएम को उखाड़ लिया गया था। इस घटना के आरोपी भी अभी तक अज्ञात हैं। पूर्व की इन दो बड़ी घटनाओं का खुलासा सतना पुलिस कर पाती उसके पहले ही विगत गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के एटीएम को भी निशाना बना लिया गया। जिले में एक के बाद एक एटीएम पर हाथ डालने की घटना पुलिस के लिए चुनौती नहीं तो और क्या है?
पुलिस के खोखले दावे
यहां बता दें कि ओबीसी बैंक का यह एटीएम मेन रोड पर है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अपराध नियंत्रण के लिहाज से रात में गश्त हो रही है। इस हिसाब से कहा जा सकता है कि बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें पुलिस की सड़क पर मौजूदगी का भी खौफ नहीं है। मुख्य मार्ग पर इस तरह की वारदात का होना पुलिस की गश्त व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।

Dhirendra Gupta Desk
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