11 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

धोखा देकर चेक पर करा लेता था साइन, फिर निकाल लेता था हजारों की रकम

बैंक प्रबंधन के सतर्क रहने पर पकड़ा गया ठग, कोलगवां थाना पुलिस ने अदालत में पेश कर जेल भेजा

2 min read
Google source verification
He used to cheat the sign on the check, then used to withdraw thousand

He used to cheat the sign on the check, then used to withdraw thousand

सतना. बैंक में आने वाले कम पढ़े लिखे लोगों की मदद के बहाने उनसे चेक पर साइन कराने के बाद एक बदमाश खातों से रकम निकाल लेता था। जब उसकी यह हरकत एक बार बैंक प्रबंधन के सामने आई तो सभी सतर्क हो गए। दूसरी बार जब आरोपी ने उसी तरह अपराध करने की योजना बनाई तो उसके बारे में पुलिस को खबर दी गई। पुलिस टीम सक्रिय हुई और एक शातिर बदमाश पकड़ में आ गया।
यह है मामला
23 दिसंबर को फरियादी विशाल सिंह शाखा प्रबंधक कारपोरेशन बैंक ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि बैंक में सचिन वर्मा नाम का एक व्यक्ति रामप्रसाद अहिरवार के चेक का उपयोग कर 30 हजार रुपए निकालने का प्रयास कर रहा था। सचिन वर्मा नाम का ही व्यक्ति इसके पहले 11अक्टूबर को मोहन लाल रवि के अकाउंट से मोहनलाल वर्मा का चेक उपयोग कर 40 हजार रुपए निकाल लिया था। जैसे ही बैंक के असिस्टेंट मैनेजर को शक हुआ और पुलिस को फोन लगाने लगे तो सचिन वर्मा चकमा देकर बैंक से भाग गया। तब रामप्रसाद अहिरवार व मोहनलाल रवि को बुलाकर उसकी पहचान कराई गई। मामले की जांच और साक्ष्य जुटाने के बाद 26 दिसंबर को पुलिस ने अपराध क्रमांक 1487/19 में आइपीसी की धारा 420, 511 के तहत एफआइआर दर्ज कर ली।
बैंक के बाहर से पकड़ा
मुखबिर की सूचना पर एसआइ शैलेन्द्र पटेल ने प्रधान आरक्षक प्रदीप लाढिय़ा, आरक्षक बृजेश सिंह, पुर्णेश पाण्डेय, प्रवीण सिंह व सैनिक ओम प्रकाश की मदद से आरोपी सचिन वर्मा पुत्र दयाराम वर्मा (22) निवासी ग्राम रायगढ़ पोस्ट गिरवरा थाना देवेंद्र नगर जिला पन्ना को स्टेट बैंक के सामने सतना से हिरासत में लेकर कार्यवाही की गई। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 40 हजार रुपए नकद, चेक बुक, शील, शील पैड, पासबुक, 2 एटीएम कार्ड एवं 4 चेक भरे हुए जब्त किए हैं।
एेसे करता था धोखाधड़ी
पुलिस का कहना है कि आरोपी बैंक परिसर में ही सक्रिय रहकर एेसे लोगों पर नजर रखता था जो कम पढ़ेलिखे और बुजुर्ग होते हैं। इन्हीं की मदद कर उनके चेक बुक को भरवाते समय आरपीे एक या दो अन्य चेक पर भी साइन करा लेता था। फिर चुपके से वह चेक फाड़कर अपने पास रख लेता था। बाद में इन्हीं चेक में रकम भरकर राशि निकाल लेता था। एक मामला पूर्व में सामने आ चुका था एेसे में बैंक प्रबंधन पहले से ही सतर्क रहा।