पुलिस को स्टेडियम में खेलने की हां, दूसरों को ना

लॉकडाउन प्रतिबंध: फिर विवादों में घिरे डीएसओ

By: Pushpendra pandey

Published: 25 May 2020, 10:02 PM IST

सतना. लॉकडाउन के शुरुआती दौर पर खेल गतिविधियों व जिम संचालन में रोक थी। लॉकडाउन 4.0 में खेल परिसर व स्टेडियमों को खोलने की अनुमति दे दी, लेकिन दर्शकों को अनुमति नहीं है। यानी खिलाडिय़ों को अभ्यास की छूट है, लेकिन जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग गृह मंत्रालय का यह आदेश नहीं मान रहा। विभागीय अधिकारी के लिए अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग नियम हैं। जवाहर नगर स्टेडियम में प्रतिबंध के समय पर भी डीएसओ ने पुलिस अधिकारियों को खेलने की अनुमति जारी रखी। अब जब प्रतिबंध हटा लिए गए हैं उसके बाद भी खिलाडिय़ों को अनुमति नहीं दी जा रही। इसे लेकर खेल प्रेमियों में काफी असंतोष है। लोगों ने कलेक्टर से व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
लॉकडाउन 4.0 के गृह मंत्रालय के आदेश के बाद स्थानीय जवाहर नगर स्टेडियम में जब खेल प्रेमी पहुंचे तो यहां खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी ने गेट में 30 अप्रेल का प्रतिबंध वाला आदेश चिपका रखा था। इसमें स्टेडियम में खेल गतिविधियां प्रतिबंधित थी। लेकिन इन्हीं अधिकारी ने पुलिस अधिकारियों को शाम को यहां खेलने की अनुमति दे रखी थी।


रविवार को बिगड़ा मामला
रविवार को कई जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के पदाधिकारी और खिलाड़ी जब पहुंचे तो वही स्थिति बन गई। डीएसओ ने इन्हें अनुमति देने से मना कर दिया। जबकि इनके पास संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण मध्यप्रदेश का २० मई का नया आदेश था। इसमें जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी को ग्रीन जोन में खेल गतिविधियों के लिये स्टेडियम की अनुमति दी गई थी। ऐसे में विवाद की स्थिति बन रही है। खिलाडिय़ों का कहना है कि स्टेडियम खिलाडिय़ों के लिए बनाया गया है। डीएसओ ने इसे पुलिस स्टेडियम में तब्दील कर दिया है। यह नियम विरुद्ध है।

लॉकडाउन 4 में स्टेडियम में खेल गतिविधियों की अनुमति दे दी गई है, लेकिन यहां नहीं दी जा रही है। सरकारी अफसर लगातार खेल रहे हैं। कलेक्टर को इसे संज्ञान में लेकर अनुमति बहाल करनी चाहिए।
अमित अवस्थी

पुलिस अधिकारी तो प्रतिबंध के दौरान भी खेल रहे थे, लेकिन सामान्य जनों के लिए एमएचए की छूट के बाद भी अनुमति नहीं है। जिला प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
संदीप शुक्ला

स्टेडियम और खेल गतिविधियों को अनुमति है। डीएसओ अगर मना कर रहे हैं तो गलत है। उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
अजय कटेसरिया, कलेक्टर

Pushpendra pandey Desk
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