
satna me ulti dast ka prakop
सतना। परसमनिया के देवरी चौतरिहा गांव में उल्टी-दस्त से दो लोगों की मौत हो गई है। एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीण बीमार हैं। आधा दर्जन से अधिक की हालत गंभीर बताई जा रही है। पूरे क्षेत्र में उल्टी दस्त का प्रकोप है। हैरानी की बात यह है कि सूचना के बाद भी संबंधित गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची। डॉक्टर तक को गांवों में नहीं भेजा गया है। महकमा चुप्पी साधकर बैठा है। ग्रामीणों ने बताया, विगत दस दिनों से गांव में उल्टी-दस्त दस्त का प्रकोप है।
मैदानी अमले द्वारा स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदारों सहित एसडीएम को भी मामले की जानकारी दी गई। लेकिन, विभाग की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। दो पीडि़तों की मौत हो चुकी है। इसकी सूचना भी स्वास्थ्य महकमे को दी गई है। लेकिन, चिकित्सक गांव तक नहीं पहुंचे। वहीं ग्रामीण झोलछाप डॉक्टरों के भरोसे निर्भर हैं। स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार चिकित्सा व परामर्श देने की बजाए कागजी खानापूर्ति करने में जुटे हुए हैं।
टीम पहुंचती तो बच जाती जान
ग्राम पंचायत पुरैना के सचिव ने चौतरिहा गांव में उल्टी-दस्त का प्रकोप होने की जानकारी बीएमओ, एसडीएम सहित जपं सीईओ को दी गयी। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। चिकित्सकों की टीम भी गांव तक भेजी गई। इसके चलते पीडि़त महिला ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया।
दो महिलाओं की मौत
उल्टी दस्त से पीडि़त दो महिलाओं चौतरिहा निवासी लल्ला बाई कोल 50 और बीना कोल 18 दम तोड़ चुकी है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक ग्रामीण सेमइया, मलखान, देवकुमारी, कैला,सुमीरा, रचना, गुड्डी बाई, भागदंड, सीता बाई, पडऱम बाई, राम बिहारी, नोनी बाई, केश बाई सहित बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं, जो उल्टी-दस्त से पीडि़त हैं। इनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। पीडि़तों को उपचार भी नहीं मिल पा रहा है। इससे पीडि़तों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।
रास्ता दुर्गम, बारिश डाल रही बाधा
बीएमओ डॉ एके राय ने बताया, सचिव की ओर से चौतरिहा गांव में उल्टी-दस्त का प्रकोप होने की जानकारी शनिवार शाम 5 बजे दी गयी। जिसमें एक महिला की मौत होना बताया गया। जिसके बाद सुपरवाइजर एएनएम सहित अन्य को पीडि़तों को शीघ्र चिकित्सा मुहैया कराने कें निर्देश दिए गए। रास्ता दुगर्म और अत्याधिक बारिश होने से टीम को गांव तक पहुंचने में दिक्कत आ रही है।
नियंत्रण शाखा को भनक तक नहीं
सीएमएचओ दफ्तर में महामारी नियंत्रण शाखा बनाई गई है। लोगों को जागरुक करने एेपीडेमोलॉजिस्ट की पदस्थापना की है। दो महिलाओं की मौत के बाद भी शाखा को भनक तक नहीं लग पाई कि किसी गांव में उल्टी-दस्त का प्रकोप फै ला हुआ है।
Published on:
2 Sep 2018, 3:02 PM IST
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