संभागायुक्त का बड़ा कदम: रीवा संभाग के किसी भी जिले में अब BLO नहीं होंगे शिक्षक

- शिक्षकों को बीएलओ से मुक्त करने के निर्देश
- सभी कलेक्टर से एक सप्ताह में पालन-प्रतिवेदन भेजने को कहा

सतना/ रीवा संभाग के अब किसी भी जिले में शिक्षकों से बीएलओ का काम नहीं लिया जाएगा। संभागायुक्त डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि सात दिन के अंदर शिक्षकों को बीएलओ पद से मुक्त कर इसका पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। संभाग में अभी कुल 6029 बीएलओ के विरुद्ध 4615 शिक्षकों से बीएलओ का काम लिया जा रहा है। स्कूलों में पढ़ाई में के साथ ही शिक्षकों पर बीएलओ के काम का दबाव बढऩे लगा है। ऐसे में स्कूलों की पठन-पाठन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

इसकी जानकारी संभागायुक्त को शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दी। खुद संभागायुक्त ने भ्रमण में भी पाया कि शिक्षकों के बीएलओ के काम में लगने से पठन पाठन प्रभावित हो रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विगत दिवस उन्होंने सभी जिलों से बीएलओ कार्य में संलग्न शिक्षकों की संख्या तलब की। इससे जो आंकड़े सामने आए वे चौंकाने वाले रहे। राज्य शासन की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए सिर्फ सीधी जिले में शिक्षकों को बीएलओ से हटाने की कार्रवाई की गई, शेष किसी भी जिले में इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई।

संभागायुक्त ने बताए नियम और आदेश
संभाग की शैक्षणिक व्यवस्था के प्रति गंभीर संभागायुक्त भार्गव ने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली को बताया कि मप्र शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने 25 मार्च 2013 को सभी शिक्षकों को बीएलओ के दायित्व से मुक्त रखने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया था कि शिक्षकों से बीएलओ का काम लिया जाना शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है। बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग ने पुन: 24 जुलाई 2017 को इसी संदर्भ में पत्र लिख कर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए शिक्षकों को बीएलओ कार्य से मुक्त रखने कहा था। वहीं राज्य शिक्षा केन्द्र ने 24 सितंबर 2019 को कलेक्टरों को पत्र लिख कर शिक्षकों को बीएलओ कार्य से मुक्त रखने की अपेक्षा की थी। लेकिन जिलों से जो आंकड़े सामने आए हैं वे इन निर्देशों और आदेशों के विपरीत हैं।

सात दिन में करें मुक्त
संभागायुक्त डॉ अशोक कुमार भार्गव ने सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिलों में जो स्थिति दिख रही है उससे शासनादेशों के पालन में कमी नजर आ रही है। इस मामले में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने भी गंभीर आपत्ति जताई है। इसलिये शिक्षकों को बीएलओ के दायित्व से मुक्त करते हुए अन्य विभाग के कर्मचारियों को दायित्व सौंप कर एक सप्ताह में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।

यह है जिलों की स्थिति
जिला कुल बीएलओ शिक्षक जिनसे बीएलओ बनाया
सतना 1986 1856
रीवा 2013 1834
सीधी 1206 177
सिंगरौली 824 748

suresh mishra
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