रणथम्भौर में विकसित हुई 400 करोड़ की पर्यटन इण्डस्ट्री

रणथम्भौर में विकसित हुई 400 करोड़ की पर्यटन इण्डस्ट्री

By: Subhash

Published: 11 Sep 2021, 08:42 PM IST

सवाईमाधोपुर. आस्था की ज्योत जलाते हुए हजारों साल पुराना रणथम्भौर दुर्ग स्थित गणेश मंदिर। देश दुनिया में वैभव फैलाता रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान व विश्व विरासत रणथम्भौर दुर्ग। रणथम्भौर की पहाडिय़ों पर खड़े होते ही अदम्य प्राकृतिक खूबसूरत रणथम्भौर का नजारा लोगों को बरबस ही अपनी ओर खींचता है। वहीं रणथम्भौर के बाघों की दहाड़ दूर-दूर तक गूंज रही है। बाघ दर्शन के लिए यहां पर्यटन सत्र में तांता लगता है, जो हमें गौरवान्वित करती है।
ये है चुनौतियां
पर्यटन रोजगार में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बहुत ही कम है। उन्हें बढ़ावा मिले। रणथम्भौर से सटे गांवों में विकास की दरकार है। गांव व जंगल से जुड़ाव अभाव है।
दो गुना बढ़ा पर्यटन
रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में बाघों की संख्या में इजाफा होने के साथ ही पर्यटन के कारोबार में वृद्धि हुई है। पिछले तीन सालों में पर्यटन ने ऊंचाई छुई है। वर्ष 2016 में पर्यटन का कारोबार 17 करोड़ था जो वर्ष 2018 में जुलाई तक बढ़कर 34 करोड़ तक पहुंच गया था। वहीं यह आंकड़ा बढ़कर अब 40 करोड़ के आसपास पहुंच गया है। दुनिया के सभी टाइगर रिजर्व में रणथम्भौर आय के मामले में पहले स्थान पर है। देशी-विदेशी पर्यटकों को बाघो की अठखेलिया खासी पसंद आती है।
होटल इण्ड्रस्ट्री में भी बढ़े कदम
रणथम्भौर में पर्यटन के साथ-साथ होटल होटल इण्ड्रस्ट्री भी नई ऊंचाईयां छू रही है। पर्यटन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2005-06 में जहां-यहां करीब 70 से 80 छोटे-बड़े होटल थे, वह अब बढ़कर 250 से अधिक हो गए है। इससे यहां रोजगार के अवसर में भी इजाफा हुआ है। 2005-06 में होटल इण्ड्रस्ट्री में जहां करीब एक हजार लोगों को रोजगार मिल रहा था। वह आंकड़ा बढ़कर अब पांच हजार के करीब पहुंच गया है। इसके अलावा रणथम्भौर की पर्यटन व होटल इण्ड्रस्ट्री से अप्रत्यक्ष रूप से भी जिले के करीब 10 हजार लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है।

पार्क में कितने बाघ...
कुल बाघ-84
रणथम्भौर प्रथम में-74
कैलादेवी अभयारण्य में-10
बाघ-34
बाघिन-30
शावक-20
रणथम्भौर में मौजूद होटल
कुल होटल -250
बड़ी होटल -12
छोटी -238

इनका कहना है
रणथम्भौर में पर्यटन इण्ड्रस्ट्री में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके साथ ही यहां होटल इण्ड्रस्ट्री को भी बढ़ावा मिला है। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़े है। यह पर्यटन के लिए सुखद खबर है।
संजीव शर्मा, एसीएफ, रणथम्भौर बाघ परियोजना सवाईमाधोपुर
फोटो कैप्शन
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान। (फाइल फोटो)

Subhash Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned