VIDEO: बिना स्टॉफ कैसे हो पशुओं का उपचार

Rakesh Verma | Publish: May, 18 2019 11:59:53 AM (IST) | Updated: May, 18 2019 12:08:35 PM (IST) Sawai Madhopur, Sawai Madhopur, Rajasthan, India

बिना स्टॉफ कैसे हो पशुओं का उपचार

सवाईमाधोपुर.सरकार की ओर से भले ही पशुधन को बढ़वा देने के लिए कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा हो लेकिन पशुपालन विभाग में लम्बे समय से रिक्त पदों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे सरकारी योजनाएं भी धरातल पर नहीं उतर पा रही है और पशुपालकों को भी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले की अधिकांश जनसंख्या पशुपालन पर निर्भर है। ऐसे में पशुओं के बीमार होने पर पशुओं को समय उपचार उपलब्ध करवाना पशुपालकों की पहली प्राथमिकता है लेकिन पशु चिकित्सालयों में पशु चिकित्सकों के अधिकांश पद रिक्त होने से पशुओं का समय पर उपचार नहीं हो रहा है। जिले में पशुपालन विभाग में पशुधन चिकित्सकोंए पशुधन सहायकों सहित अन्य पद लम्बे समय से रिक्त पड़े हैं।


जिले में पशु चिकित्सालय
जिले में प्रथम श्रेणी के पशु चिकित्सालय बौंली, खण्डार, मलारनाडूंगर, चौथकाबरवाड़ाए गंगापुरसिटी, वजीरपुर, बामनवास, चकेरी, सूरवाल, ईसरदा, बालेर, बरनाला, बहरावण्डा कलां, तलावाड़ा पीलोदा में है। इसके अलावा जिला मुख्यालय पर आलनपुर में बहुउद्देशीय चिकित्सालय है। इसी क्रम में पशु चिकित्सालय फलौदी, अमरगढ़, भगवतगढ़, खिरनी, कुस्तला, बाटोदा,पीपलदा, सुकार, मोहचा, मित्रपुरा, एण्डा, करमोदा, शिवाड़ व ठींगला में है।


बंद रहते हैं केन्द्र
स्टाफ की कमी झेल रहे पशु पालन विभाग के कई केन्द्र महज पशु चिकित्सा कर्मियों की कमी के चलते अधिकांश समय बंद रहते हैं। इससे पशु पालकों को पशुओं का उपचार कराने में परेशानी होती है। एक चिकित्सक पर दो से तीन चिकित्सालयों का भार होने से असुविधा हो रही है।


मौसमी बीमारियों में अधिक परेशानी
पशुओं में आम तौर पर बारिश के दौरान मौसम परिवर्तन के समय व संक्रमण की बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। अप्रेल, मई और सितम्बर से अक्टूबर माह तक पशुओं में विभिन्न तरह की बीमारियां फैलने का खतरा अधिक रहता है। कई बार समय पर उपचार नहीं मिलने से पशुओं की मौत तक हो जाती है।


यह है नियम
राष्ट्रीय कृषि आयोग के नियमानुसार प्रति 5 हजार पशुओं पर एक चिकित्सालय होना चाहिए लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में हालात विकट है। लेकिन एण्डवा, बोडोलास में पशु चिकित्सक नहीं है तो मखोली, रांवल में कम्पाउण्डर के पद रिक्त है। शेरपुर, चकेरी में पशु चिकित्सा सहायक, चकेरी में पशुधन सहायक व दो सहायक कर्मचारी के पद रिक्त हैं।


एक नजर जिले के पशुधन पर
गोवंश 1 लाख 10 हजार 30
भैंस 3 लाख 18 हजार 184
बकरी 2 लाख 72 हजार 341
कुल 7 लाख 75 हजार
नोट- शेष पशुधन में ऊंट, घोड़ा, गधा,खच्चर व भेड़ आदि शामिल है।

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