[email protected]: अभिभावकों का काम समझकर बेटियों के चेहरे पर दिखा आत्मविश्वास

Vijay Kumar Joliya | Updated: 23 Sep 2019, 01:07:42 PM (IST) Sawai Madhopur, Sawai Madhopur, Rajasthan, India

सभी बेटियों ने एक स्वर में राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे अनूठे अभियान की प्रशंसा भी की।

सवाईमाधोपुर. राजस्थान पत्रिका के तत्वावधान में चल रहे बिटिया ञ्च वर्क अभियान के तहत रविवार को बेटियों ने पापा के ऑफिस पहुंचकर कार्य में हाथ बंटाया। वहीं दिनभर की कार्यप्रणाली को समझा। बेटियों का अपने पेरेंटस के ऑफिस जाना खास अनुभूति भरा रहा। उन्होंने एक तरफ माता-पिता के काम को समझा। वहीं कार्यस्थल पर सामने आने वाली चुनौतियों से रू-ब-रू हुईं। बेटियों ने जाना की अभिभावकों को रोजमर्रा के जीवन में कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं रोजी-रोटी कमाने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है। ऑफिस के कामों को समझ कर और खुद करने की कोशिश कर बेटियों को काफी अच्छा लगा। उन्होंने कार्यालय और व्यापारिक प्रतिष्ठान में आने वाले अलग-अलग लोगों से मुलाकात और बातचीत भी की। इससे बेटियों के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई। वहीं उनको अपने अभिभावकों पर गौरव महसूस हुआ।

कार चलाने की कोशिश
ऑफिस : नागर मोटर ड्राइविंग स्कूल, स.मा.
बिटिया का नाम : अक्षिता नागर
पिता का नाम : मुकेश नागर, (संचालक)
पापा का काम बहुत चुनौती भरा है। कार चलाना सीखा। नागर मोटर ड्राइविंग स्कूल में सेमुलटर के बारे में जानकारी ली। टै्रफिक नियमों को जाना।
-अक्षिता नागर

न्यायालय में कानून की सीखी बारीकियां
ऑफिस : न्यायालय परिसर, स.मा.
बिटिया का नाम : अनुश्री सिंघल
पिता का नाम : डिग्गी प्रसाद सिंघल (अधिवक्ता)
पापा से कानून व न्यायिक की बारीकियां सीखने को मिली। कानून की किताब से पापा ने विधिक सेवा की कई जानकारी दी। नया अनुभव मिला।
-अनुश्री सिंघल

बारीकी से जांचा परखा
ऑफिस : नेमीचन्द एडवोकेट्स, खेरदा
बिटिया का नाम : हेमलता बैरवा
पिता का नाम : नेमीचन्द बैरवा, (वकील)
आज पापा के कार्यालय में वकालत से जुड़े दावे पेश करना व एफआईआर पढऩा सीखा।-हेमलता बैरवा

मरीजों को दवाइयां दीं, स्टॉक जांचा
ऑफिस : नेमीचन्द एडवोकेट्स, खेरदा
बिटिया का नाम : जानवी पाण्डे
पिता का नाम : दुर्गेश कुमार पाण्डे, (फार्मासिस्ट)
पापा के ऑफिस में कुर्सी पर बैठ कर नया अनुभव सीखने को मिला। पापा ग्राहकों को किस प्रकार से दवाई देते है, यह प्रक्रिया बारीकी से समझी। पापा का काम देखकर अच्छा लगा। -जानवी पाण्डे

होटल का कामकाज सीखा
पापा का काम बहुत प्रेशर भरा है। उनके कार्य का अनुभव लिया। होटल में ग्राहकों के बीच तालमेल बनाने एवं हिसाब-किताब के ब्यौरा को जाना।
-रीया शर्मा
ऑफिस : चाणक्य होटल, सवाईमाधोपुर
बिटिया का नाम : रीया शर्मा
पिता का नाम : सुधीर शर्मा, (संचालक)

पापा का हाथ बंटाया
पापा के ऑफिस पहुंचकर अच्छा लगा। वह सुबह दुकान खोलने के बाद से शाम तक व्यस्त रहते है। पापा के कार्य को बारीकी से सीखा ।
-पयस्वनी विजय
ऑफिस : विष्णु साइकिल स्टोर, सवाईमाधोपुर
बिटिया का नाम : पयस्वनी विजय
पिता का नाम : अजयकांत विजय, (संचालक)

दवाइयों का लिया अनुभव
मैंने आज पापा के मेडिकल स्टोर पर जाकर कार्य का अनुभव लिया तथा मेडिसिन के बारे में जाना। मुझे कई नई जानकारी मिली।
-भाषिता जैन
ऑफिस : अग्रवाल मेडिकल स्टोर चौथकाबरवाड़ा
बिटिया का नाम : भाषिता जैन
माता का नाम : हेमराज जैन

बीएसएनएल सेवाओं की ली जानकारी
ऑफिस : भारत संचार निगम लिमिटेड स.मा.
बिटिया का नाम : कुमकुम चौहान
माता का नाम : सुमन राजपूत, (कार्यालय अधीक्षक)
मम्मी के ऑफिस में पहुंचकर नया काम सीखने को मिला। भारत संचार निगम लिमिटेड ऑफिस में मोबाइल व टेलीफोन की सेवाओं से जुड़ी कई जानकारी मिली। अनुभव अच्छा रहा।-कुमकुम चौहान

स्कूल की गतिविधियों को बारीकियों से जाना
ऑफिस : न्यू मॉर्डन पब्लिक सी.स्कूल सवाईमाधोपुर
बिटिया का नाम : लक्ष्मी व निशा मीणा
पिता का नाम : रामबिलास, (निदेशक)
हम देखते हैं कि पापा रोज स्कूल कार्य में व्यस्त रहते हैं। आज पापा के कार्य में सहयोग करना अच्छा लगा।-लक्ष्मी व निशा मीणा

तो..ऐसे होता है मम्मी का काम
ऑफिस : जिला कलक्ट्रेट कंट्रोल रूम, स.मा
बिटिया का नाम : खुशी मीना
माता का नाम : वर्षा मीना
जिला कंट्रोल रूम मम्मी कामकाज को देखा व समझा। दिनभर मेल देखना, फोन उठाना आदि कार्य को देखा। -खुशी मीना

विद्यार्थियों को पढ़ाने की सीखी बारीकियां
ऑफिस : स्टेप बाय स्टेप स्कूल सवाईमाधोपुर
बिटिया का नाम : निर्झरा सिंहल
पिता का नाम : अरविन्द कुमार सिंहल, (संचालक)
आज मुझे मेरे पापा का कार्य सीखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ,मेरे पापा ने मुझे बच्चों को पढ़ाने के तरीकों के अलावा विद्यालय की कार्यशैली को समझाया।-निर्झरा सिंहल

आय-व्यय की ली जानकारी
ऑफिस : एमआर एफ शोरूम संचालक
बिटिया का नाम : सिद्धि दवे
पिता का नाम : अवधेश द्विवेदी, (संचालक)
पहली बार पापा के ऑफिस पहुंचकर अच्छा लगा। गाडिय़ों के टायरों के बारे में जानकारी ली। उनके दिनभर के काम व आय-व्यय के खर्चे के बारे में जाना। नया अनुभव मिला। -सिद्धि दवे


सफारी बुकिंग का कार्य चुनौती भरा
ऑफिस: गणेश ई-मित्र सेवा केन्द्र, स.मा.
बिटिया का नाम : अक्षिता मीणा
पिता का नाम: रामलखन मीणा (संचालक)
पापा के ऑफिस में ई-मित्र व सफारी बुकिंग के बारीकियां जानी। रणथम्भौर आए पर्यटकों को भेजना चुनौती भरा है।-अक्षिता


वकालत पेशे की सिखी बारीकियां
ऑफिस: कंज्यूमर लीगल हैल्थ सोसायटी, स.मा.
बिटिया का नाम: सोनाली योगी
पिता का नाम: हरी प्रसाद योगी (वकील)
पहली बार पापा के ऑफिस में वकालत के काम काज को देखकर अच्छा लगा। ये पेशा बड़ा जिम्मेदारी भरा है। -सोनाली

बेटी संरक्षण की ली जानकारी
ऑफिस: सीएमएचओ कार्यालय, स.मा.
बिटिया का नाम: अक्षिता गौतम
पिता का नाम: आशीष गौतम (जिला समन्वयक)
पापा के ऑफिस में सरकार की ओर से बेटियों के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान के बारे में जानकारी ली। -अक्षिता गौतम

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