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गूगल में इस नाम से सर्च पर सिर्फ पुरुषों की तस्वीर क्यों?

महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं लेकिन गूगल पर सीइओ और मैनेजर के नाम से तस्वीर खोजेंगे तो सबसे अधिक पुरुषों की तस्वीर स्क्रीन पर पहले दिखेगी। ये हाल तब है जब दुनियाभर में बारटेंडर, प्रोबेशनरी अफसर और मेडिकल विज्ञान जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की संख्या लगभग बराबरी पर है।
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गूगल में इस नाम से सर्च पर सिर्फ पुरुषों की तस्वीर क्यों?

महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं लेकिन गूगल पर सीइओ और मैनेजर के नाम से तस्वीर खोजेंगे तो सबसे अधिक पुरुषों की तस्वीर स्क्रीन पर पहले दिखेगी। ये हाल तब है जब दुनियाभर में बारटेंडर, प्रोबेशनरी अफसर और मेडिकल विज्ञान जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की संख्या लगभग बराबरी पर है। 57 फीसदी नौकरियों से जुड़ी इमेज सर्च करने पर पुरुषों की तस्वीर अधिक सामने आती है जिससे ये लगता है कि इन क्षेत्रों में पुरुषों का दबदबा है जबकि हकीकत इसके उलट है। इससे इन पेशों में जो महिलाएं हैं उनका विश्वास कमजोर हो रहा है। इसका सबसे बड़ा दुष्परिणाम ये है कि कार्यस्थल पर महिलाओं को भेदभाव और मानसिक प्रताडऩा से गुजरना पड़ता है।

इसका खुलासा प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट में हुआ है जिसमें 100 नौकरियों को आधार बनाकर गूगल इमेज सर्च में महिला प्रतिनिधित्व के बारे में विस्तार से अध्ययन किया गया। इसके बाद इस रिपोर्ट की तुलना श्रम विभाग के आंकड़ों से की गई जिसमें ये चौंकाने वाली बात सामने आई है। शोध में ये भी पता चला कि सर्च रिजल्ट में पुरुष सबसे शीर्ष पर थे। दूसरी तस्वीर भी पुरुष की ही थी। जो महिला शीर्ष पर भी उसकी तस्वीर भी चौथी तस्वीर के बाद ही दिख रही थी।

महिलाओं के प्रति बनेगी नकारात्मक छवि: न्यू अमरीका लेफ्ट थिंक टैंक की फेलो हेली स्वेन्सन कहती हैं कि इससे समाज में महिलाओं को लेकर एक नकारात्मक छवि बनेगी जो उनके लिए ठीक नहीं है। प्यू सोशल ट्रेंड्स रिसर्च डायरेक्टर किम पार्कर कहती हैं कि ऐसा होने पर महिलाओं के प्रति एक अलग सोच बनती है और लोग उन्हें अल्पसंख्यक के तौर पर मानते हैं। प्यू रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार इस शोध में 7 जुलाई से 13 सितंबर 2018 के बीच 10 हजार तस्वीरों का अध्ययन किया गया था।