
Asteroid Will Pass Near Earth
नई दिल्ली। वैसे तो अंतरिक्ष (Space) में कई उल्कापिंड टूटकर इधर-उधर घूमते रहते हैं। मगर खतरा तब बढ़ जाता है जब ये पृथ्वी बेहद करीब से गुजरने वाले होते हैं। इससे भूकंप (Earthquake) और तूफान (Storm) जैसे खतरों की आशंका रहती है। इतना ही नहीं कई बार ये टकराव इतना ज्यादा घातक होते हैं कि दुनिया तबाह तक हो सकती है। ऐसा ही एक उल्कापिंड (Asteroid) धरती की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 24 जुलाई को ये सबसे नजदीक होगा। इसी सिलसिले में NASA ने चेतावनी जारी की है।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के मुताबिक एक उल्कापिंड पृथ्वी की कक्षा (Earth Orbits) के बहुत करीब से होकर गुजरने वाला है। इसका नाम 2020ND है। इस खगोलीय घटना को 24 जुलाई को देखा जा सकेगा। आमतौर पर मंगल और गुरू ग्रह की कक्षा के बीच में ऐसे उल्कापिंड बड़ी संख्या में पाए जाते हैं लेकिन कई पृथ्वी के पास से गुजरने वाले उल्कापिंडों की संख्या कम होती है। ऐसे में पृथ्वी के नजदीक इन क्षुद्रग्रहों के आने से खतरा बढ़ जाता है। 2020ND ऐसा ही एक उल्कापिंड है। ये 150 मीटर बड़ा है। इसका आकार मशहूर लंदन आई की तरह है।
वैज्ञानिकों के अनुसार ये उल्कापिंड यूरोप के सबसे बड़े और ऊंचे झूले से भी 50 प्रतिशत ज्यादा बड़ा है। ऐसे में इसके विशालकाय आकार का अंदाजा लगाया जा सकता है। अगर ये धरती से डायरेक्ट टकराता है तो दुनिया तबाह तक हो सकती है। हालांकि अनुमान है कि ये उल्कापिंड धरती को महज छूकर निकलेगा इसलिए बड़ी तबाही की संभावना कम है। मगर इससे धरती पर थोड़े प्रभाव झेलने पड़ सकते हैं। इससे धरती के हिलने समेत आंधी—बारिश आदि हो सकते हैं।
2020ND पृथ्वी की ओर 13.5 किलोमीटर प्रति सेंकड यानि 48,000 किलोमीटर प्रतिघंटा की तेज गति से चल रहा है। इस तरह के पिंड जब पृथ्वी के पास आते हैं तो उन्हें ‘पृथ्वी के निकट के पिंड’ (Near Earth Objects, NEO) कहा जाता है। NEO की श्रेणी में क्षुद्रग्रह से लेकर पुच्छल तारे तक आते हैं, जिनपर उस ग्रह के गुरुत्व का असर पड़ता है। इसलिए जब ये पृथ्वी के करीब से गुजरेगा तो उसका थोड़ा प्रभाव धरती पर पड़ेगा। नासा के रिकॉर्ड के मुताबिक वह इससे पहले पांच बार इसी तरह से पृथ्वी के पास से गुजर चुके हैं।
Published on:
20 Jul 2020, 10:58 AM IST
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