
इस तेल की कुछ बूंदों से दूर हो जाएंगी सारी बीमारी, सर्जरी में भी पहुंचेगी मदद
नई दिल्ली। मछली के तेल में पाया जाने वाला ओमेगा-3 एस सर्जरी के दौरान रक्तस्त्राव के जोखिम को कम करता है। वर्तमान में मान्यता यह है कि सर्जरी से पहले मछली का तेल खाना बंद कर देना चाहिए लेकिन अब शोधकर्ताओं ने यह जानकारी दी है कि मछली का तेल हाइपरट्राइग्लिसरीडेमिया या कार्डियोवैस्कुलर (हृदय संबंधी) बीमारी की रोकथाम के लिए सबसे आम प्राकृतिक पूरक है। खास बात यह है कि मछली के तेल के सेवन से शरीर को कई पोषक तत्व मिलते हैं।
यह शोध सर्कुलेशन नाम के जर्नल में प्रकाशित किया गया है, जिसमें बताया गया है कि रक्त में ओमेगा-3 की उच्च मात्रा - ईपीए और डीएचए मिलकर रक्तस्त्राव के जोखिम को कम करता है। हालांकि सर्जरी के दौरान रक्तस्त्राव के जोखिम को कम करने के लिए मरीजों को सर्जरी से पहले मछली का तेल लेने से मना करने की सिफारिश की जाती है या जो मरीज मछली का तेल उपयोग में ले रहे हैं, उनकी सर्जरी में देरी करने की सिफारिश की जाती है।
यह शोध कुल 1,516 मरीजों पर किया गया, जिनकी कार्डिएक सर्जरी होनी थी। आधे मरीजों को ओमेगा-3एस का डोज दिया गया, जबकि आधे मरीजों को प्लेसबो (शोध के लिए झूठी-मूठी दवाई देना) दिए गए। बाद में शोध के दौरान पाया गया कि जिन मरीजों को ओमेगा-3एस दिया गया था, उनमें सर्जरी के दौरान चढ़ाने के लिए कम यूनिट रक्त की जरूरत पड़ी।
ओमेगाक्वांट के संस्थापक बिल हैरिस ने कहा, "इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला है कि कार्डिएक सर्जरी से पहले मछली के तेल का सेवन रोकने या सर्जरी में देरी की जो सिफारिश की जाती है, उस पर पुर्नविचार करने की जरूरत है।" ओमेगा-3एस खासतौर से ईपीए और डीएचए हृदय, मस्तिष्क, आंखें और जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन ज्यादातर लोग इस मूल्यवान फैटी एसिड का पर्याप्त सेवन नहीं करते हैं, जो स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरों का जोखिम बढ़ाता है।
Published on:
07 Dec 2018 05:31 pm
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