
लोगों के स्वास्थ्य और परिवार की जरूरतों को ख्याल रखना सरकार का कर्त्तव्य है। ऐसे में केंद्र सरकार के अंतर्गत सन 1976 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की स्थापना की गई। इसके अंतर्गत पहले चार विभाग थे। प्रत्येक का अध्यक्ष भारत सरकार का सचिव हुआ करता था। अब इसके अंतर्गत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग तथा स्वास्थ्य अनुसंधान दो विभाग हैं। प्रत्येक के अध्यक्ष भारत सरकार के सचिव होते हैं। यह हेल्थ केयर से संबंधित जागरूकता अभियान आदि काम इसके अंतर्गत आते हैं।
एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) भी इसी के अंतर्गत
7 अगस्त, 2014 की असाधारण राजपत्र अधिसूचना भाग-।। खंड-3 उप-खंड (ii) के अनुसार- एड्स नियंत्रण विभाग का स्वास्थ्य और परिवार कल्याण में विलय कर दिया गया है। अब यह राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) के नाम से जाना जाएगा। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का एक संबद्ध कार्यालय है और इसके अधीनस्थ कार्यालय पूरे देश में स्थित हैं। डीजीएचएस सभी चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों पर तकनीकी सलाह प्रदान करता है और यह विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का कार्यान्वयन करता है।
आयुर्वेद और अन्य चिकित्सा प्रणालियां
मंत्रिमंडल सचिवालय की दिनांक 8 दिसंबर, 2014 की अधिसूचना के माध्यम से कार्य आबंटन नियम में किए गए संशोधन के अनुसार आयुष विभाग को आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध तथा होम्योपैथी मंत्रालय (आयुष) बनाया गया है। इसके अंतर्गत आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी प्रणाली की शिक्षा और अनुसंधान का विकास करने पर विशेष बल दिया जाता है। केंद्र सरकार द्वारा बनाई जाने वाल सभी तरह की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी योजनाएं इसी मंत्रालय के अंतर्गत आते विभिन्न विभागों द्वारा कार्यान्वित की जाती हैं।
Published on:
24 May 2019, 9:01 PM IST
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