इस देश में इंसान नहीं बल्कि गाय कर रही हैं 5जी इंटरनेट का इस्तेमाल....जाने क्या है पूरा मामला

इस देश में इंसान नहीं बल्कि गाय कर रही हैं 5जी इंटरनेट का इस्तेमाल....जाने क्या है पूरा मामला

Navyavesh Navrahi | Publish: Apr, 13 2019 01:25:49 PM (IST) विज्ञान और तकनीक

  • सबसे पहले 5जी इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाला देश
  • इंटरनेट और मशीनों की सारा काम होगा ऑपरेट
  • रोबोट निकाल रहे हैं गाय का दूध

नई दिल्ली- कई देशों में अभी तक 5जी इंटरनेट की शुरूवात हुई नहीं वहीं भारत ( india ) में इस 5जी इंटरनेट के बारें में खूब चर्चा हो रही है। कंपनियों का दावा है कि 5जी इंटरनेट की रफ्तार इतनी तेज होगी कि ये इंटरनेट की परिभाषा को ही बदल देगा। कुछ सेकंडों में आपके फोन पर ही पूरी फीचर फिल्म डाउनलोड हो सकेगी। लेकिन एक ऐसा देश है जहां 5जी इंटरनेट इस्तेमाल इंग्लैड की गायें कर रही है। ये एक ऐसे स्मार्ट तबेले में रहती हैं, जहां लगभग सब काम मशीनों और इंटरनेट( internet ) के जरिए होता है।

 

 

 

गायों को ब्रिटेन में 5जी डिवाइस के कॉलर पहनाए गए हैं इस डिवाइस की मदद से दूध निकालने का काम रोबोट कर रहे हैं। जिसमें ऑटोमेटिक डाटा फीड होगा। जब भी गाय दूध देने को तैयार होंती हैं।तब-तब वो मशीन के पास चली जाता हैं।और सेंसर की मदद से दरवाजा भी अपने-आप खुल जाते हैं। डिवाइस के कारण गाय की पहचान होती है और मशीन को ठीक तरह से पता होता है कि जब वह पोजीशन ले लेगी तो रोबोट को कहां फिक्स करना है। गाय को इनाम के रूप में चारा भी मिलता है। जितनी देर तक मशीन (machine ) दूध निकालती है, गाय चारा खा सकती है।

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दरअसल, दक्षिणी इंग्लैंड के एग्री एपी सेंटर में ऐसी 50 गायों को रखा गया है, जिनपर लगे कॉलरों को टेस्ट किया जाता है। प्रोजेक्ट मैनेजर डंकन फोर्ब्स का दावा है कि इस तरह के डिवाइस से गायों को किसी तरह का नुकसान नहीं होता है और उन्हें लगातार मॉनिटर करने से गौशाला मालिकों को गाय की सेहत पर नजर रखने का भी मौका मिलता है। गौशाला के मालिक समय रहते ये जान सकते हैं कि कहीं गाय तनाव में तो नहीं हैं।

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फोर्ब्स के अनुसार, "हम यहां 5जी की क्षमता को टेस्ट कर रहे हैं कि सामान्य ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन की तुलना में इसके जरिए सेंसर से डाटा कितनी तेजी से हम तक पहुंच पाता है।" डेकन फोर्ब्स की राय में, "इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ बड़े बड़े फार्मों में ही नहीं, बल्कि देश भर के गांव देहात में भी किया जा सकेगा।"

गौरतलब है कि अगर ये प्रयोग सफल रहा तो इस योजना को देश के सभी गायों पर इस्तेमाल किया जाएगा। जिससे गाय आपस में कनेक्ट कर सकें। साथ ही गौशाला के मालिक कही भी बैठकर ऑपरेट कर सकेंगे।जिसमें यह पता चल सके की किस तबेले में गाय क्या कर रही हैं।

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