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सरप्राइज प्रेग्नेंसी- पीरियड्स के दौरान जब ठहर जाती है प्रेग्नेंसी

महिला को पता ही नहीं चलेगा कि वो मां बनने वाली है और वो प्रेग्नेंट हो जाती है। इस चमत्कार को सरप्राइज प्रेग्नेंसी का नाम दिया गया है।
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Vineeta Vashisth

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Updated: 28 Aug 2018, 2:25 PM IST

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सरप्राइज प्रेग्नेंसी- पीरियड्स के दौरान जब ठहर जाती है प्रेग्नेंसी

नई दिल्ली: मां बनना किसी भी महिला के लिए सबसे सुखद अहसास है। आने वाले नए मेहमान की आहट पाते ही होने वाली मां कई तरह के सपने बुनने लगती है। सबसे पहले महिला की माहवारी रुकती है जिससे उसे पता चल जाता है कि वो प्रेग्नेंट है और इसी के साथ वो उन खास दिनों की तैयारी में लग जाती है।

लेकिन तब क्या हो जब पीरियड्स आ रहे हों और महिला प्रेग्नेंट हो जाए। ऐसे में महिला को पता ही नहीं चलेगा कि वो मां बनने वाली है और वो प्रेग्नेंट हो जाती है। इस चमत्कार को सरप्राइज प्रेग्नेंसी का नाम दिया गया है। वैज्ञानिक कहते हैं कि सात हजार महिलाओं में ऐसी एक महिला होती है जिसे पीरियड्स के दौरान भी प्रेग्नेंसी ठहर जाती है।

आइए जानते हैं कि वो कौन सी परिस्थितियां होती हैं जब महिला के साथ ऐसा होता है। दरअसल प्रेग्नेंसी के दौरान इस्ट्रोजन हार्मोन की मात्रा कम होने पर इस वक्त भी ब्लीडिंग होती रहती है। इस ब्लीडिंग की वजह से प्रेग्नेंसी ठहरने के बावजूद महिला को लगता है कि उनके पीरियड्स चल रहे हैं। यही वजह है कि वह यह समझ ही नहीं पाती हैं कि वह गर्भवती हैं।

डॉक्टरों ने इस संबंध में एक बहुत ही चिंताजनक बात कही है कि ऐसी स्थितियां गर्भनिरोधक पिल्स लेने की वजह से उत्पन्न होती है। यानी जो औरतें लंबे समय से गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती आ रही हैं उन्हें इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है।

कई बार ये समस्या यूट्रस यानी गर्भाशय बाइकोरनुएट के कारण होती है। ऐसे गर्भाशय दिल के आकार के होते हैं और इस तरह के गर्भाशय में दो हिस्से होते हैं जो सेप्टम से विभाजित होते हैं। यानी कुछ महिलाओं के गर्भ में दो हिस्से होते हैं। प्रेग्नेंसी उनके गर्भ के एक हिस्से में होती है, वहीं दूसरे हिस्से से माहवारी होती रहती है।

बढ़ती उम्र और बदलती लाइफस्टाइल की वजह से महिलाओं में अनियमित पीरियड की समस्या शुरू हो गई है। यही वजह है कि कुछ महिलाओं के पीरियड्स वक्त पर नहीं आते। संभव है कि जब किसी महीने वक्त पर माहवारी शुरू ना हो, तो उन्हें यही लगता होगा कि यह अनियमित प्री-मेन्सुरल साइकिल की वजह से ही हो।

कुछ भी हो लेकिन इस तरह की प्रेग्नेंसी हजारों औरतों में से एक को होती है और वैज्ञानिक इस स्थिति पर जांच कर रहे हैं। हो सकता है कि कोई ऐसा समाधान संभव हो सके कि होने वाली मां को अपनी प्रेग्नेंसी का वक्त रहते पता चल पाए ताकि आने वाले शिशु को कोई नुकसान न पहुंचे।