तेज बारिश के साथ गिरे ओले, खेतों में कटी रखी फसल भी हो गई बर्बाद , देखें वीडियो

तेज बारिश के साथ गिरे ओले, खेतों में कटी रखी फसल भी हो गई बर्बाद , देखें वीडियो

Amit Mishra | Updated: 06 Oct 2019, 12:37:11 PM (IST) Sehore, Sehore, Madhya Pradesh, India

आसमान से बरसी आफत, गिरे ओले
बारिश के कारण खेतों में कटी हुई फसल भी होगी खराब

सीहोर/ शुजालपुर। शारदीय नवरात्रि पर्व समापन की और है तथा वर्षा काल की समाप्ति हो रही है फिर भी बारिश पीछा नहीं छोड़ रही। जुलाई के अंतिम सप्ताह से शुरू हुआ यह बारिश का दौर अक्टूबर माह में भी चल रहा है। शनिवार को आसमान से पानी के साथ आफत की बारिश के रूप में ओले भी बरसे। जिससे थोडी बहुत बची खरीफ फसल और खराब हो गई। ओलावृष्टि के बाद मुसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया, जो कि रात तक जारी था। बारिश के कारण खेतों में कटी हुई फसल भी खराब होगी।

मौसम ने फिर से करवट ली
उल्लेखनीय है कि तीन दिनों से क्षेत्र में मौसम खुला हुआ था, अंचलों में ग्रामीणों व किसानों की चहल पहल खेत तथा खलियानों में शुरू हो गई थी, मौसम साफ होने से सोयाबीन की फसल कटाई का दौर भी शुरू हो गया था। लेकिन शनिवार की शाम को क्षेत्र में मौसम ने फिर से करवट ली। तेज हवा और बादलों की गर्जना के बीच अनुविभाग शुजालपुर के कुछ गांवों में ओलावृष्टि हुई। मिली जानकारी अनुसार अरन्याकलां के समीप स्थित कनाडिया में लगभग 5 मिनट तक चने के आकार के ओले बरसे।

heavy_rain.png

गांवों में ओलावृष्टि के समाचार मिले
कनाडिया सरपंच भंवरसिंह परमार ने बताया कि पहले तेज हवा चली और फिर ओले बरसना शुरू हो गए। सोयाबीन फसल पहले से ही खराब हो गई थी और जो बच गई थी वह ओलों ने नष्ट कर दी। इसी प्रकार कालापीपल तहसील के ग्राम काकरिया व नांदनी सहित आसपास के कुछ गांवों में ओलावृष्टि के समाचार मिले है।

 

rain_news.jpg

65 इंच के लगभग पहुंचा आंकडा
मालवा अंचल जो वर्षभर होने वाली 40 इंच बारिश में सामान्यता वर्ष भर का कोटा पूरा कर लेता है लेकिन इस बार बारिश का आंकडा सामान्य बारिश से लगभग 25 इंच अधिक हो चुका है। तहसील शुजालपुर में चालू वर्ष में अब तक लगभग 65 इंच बारिश हो चुकी है। जलाशय अभी भी लबालब भरे हुए है तो खेतों से नमी समाप्त नहीं हो रहा।



किसानों की परेशानी और बढ़ी
तीन दिनों से मौसम खुला रहने पर किसानों ने खडी फसल को संभालना शुरू कर दिया था। क्षेत्र के अधिकांश खेतों में सोयाबीन फसल कटाई शुरू हो गई थी। लेकिन शनिवार को किसान की मेहनत पर आसमान से बरसी आफत ने फिर से पानी फेर दिया। बताया जाता है कि खड़ी फसल होने पर बारिश से उतना नुकसान नहीं होता है जितना कटाई के बाद खेतों में पड़ी फसलों को होता है। इन फसलों को सुखाने के चक्कर में किसान जहरीले जन्तुओं के शिकार भी बनेंगे।

Show More

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned