इस तरह बेहतर होंगे सरकारी स्कूल...

इस तरह बेहतर होंगे सरकारी स्कूल...

Sunil Vandewar | Publish: Jun, 28 2018 12:00:48 PM (IST) Seoni, Madhya Pradesh, India

सरकारी स्कूलों में शाला सिद्धि कार्यक्रम का क्रियान्वयन

सिवनी. जिले में दक्षता संवर्धन, जिला अकादमिक गुणवत्ता सुधार योजना, प्रतिभा पर्व, हमारी शाला कैसी हो, शाला गुणवत्ता कार्यक्रम जैसे सकरात्मक प्रयासों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण निर्मित हुआ है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तत्वावधान में राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन विश्वविद्यालय नई दिल्ली द्वारा मध्यप्रदेश की शालाओं के मूल्यांकन एवं सुधार के लिए एक फे्रमवर्क (शाला सिद्धि) कार्यक्रम तैयार किया गया है। शाला सिद्धि कार्यक्रम नवम्बर 2015 से प्रांरभ किया गया है।
आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को केन्द्रित करते हुए शालाओं के मूल्यांकन और उन्नयन के लिए (हमारी शाला ऐसी हो) कार्यस्र5म तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम द्वारा शाला स्वयं का सतत मूल्यांकन एवं बाह्य मूल्यांकन कर चिन्हित क्षेत्रों में शाला उन्नयन की कार्य-योजना बनाकर शाला का समग्र विकास कर रही हैं।
राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा शाला सिद्धि हमारी शाला ऐसी हो कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2017-18 में प्रदेश के प्रत्येक जिले से प्रत्येक जनशिक्षा केन्द्र से 4 प्राथमिक और 4 माध्यमिक शालाएं लेते हुए कुल 24792 शालाएं चयनित की गईं। इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन 4 चरणों में किया गया। ये चरण हैं स्व मूल्यांकन, बाह्य मूल्यांकन, शाला उन्नयन कार्य योजना का निर्माण और शाला उन्नयन कार्य योजना अनुसार सुधार के लिए कार्रवाई।
वर्ष 2017-18 प्रतिभा पर्व के दौरान जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा शाला सिद्धि शालाओं को शाला मित्र के रूप में गोद लिया गया है। इन शालाओं में कक्षा 6 में गणित और विज्ञान विषय का मूल्यांकन स्वयं के द्वारा किया गया। प्रत्येक विकासखंड के एक जनशिक्षा केन्द्र को उत्कृष्ट जनशिक्षा केन्द्र के रूप में चिन्हित किया गया। प्रत्येक संकुल की शाला सिद्धि की एक अग्रणी माध्यमिक शाला को लर्निंग किट भी प्रदान किया गया है।
गिफ्ट अ बुक योजना
प्रदेश में गिफ्ट अ बुक योजना शुरू की गई है। राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा संचालित योजना में कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था अपनी ज्ञान, मनोरंजन और प्रतियोगी परीक्षा की उपयोगी पुस्तकें सरकारी स्कूलों के पुस्तकालयों में उपहार स्वरूप प्रदान कर सकते हैं। इस योजना में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों से जन-सामान्य को प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया है। राज्य शिक्षा केन्द्र ने इस वर्ष मिल-बांचें मध्यप्रदेश कार्यक्रम को प्रदेश स्तर पर 7 अगस्त को कवि रवीन्द्र नाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर वृहद स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया रखी गई है।

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