जेई व बाबू ने सात माह आलमारी में कैद रखा सौंदर्यीकरण की फाइल, टेंडर निरस्त होने पर खुली पोल

25 जुलाई को सीएमओ ने जबलपुर फाइल भेजने किया मार्क, अब जेई व बाबू एक दूसरे को बता रहे दोषी

By: akhilesh thakur

Published: 18 Feb 2021, 10:51 AM IST

अखिलेश ठाकुर सिवनी. शहर के विकास में नगर पालिका के कर्मचारी रोड़ा अटका रहे हैं। ऐसा कर वे एक ओर जहां सीएमओ के आदेश को ठेंगा दिखा रहे, वहीं दूसरी ओर शासन की मंशा के विपरीत कार्य कर रहे हैं। नगर पालिका की उपयंत्री वंदना मरकाम व बाबू राजेश निर्मलकर ने कुछ ऐसा ही कारनामा कर लापरवाही की सारें हदें पार कर दी है। दोनों की लापरवाही से 25 जुलाई 2020 को सीएमओ नवनीत पांडेय द्वारा गांधी वार्ड के यासमीन बेग कॉलोनी के पार्क के सौंदर्यीकरण की फाइल जबलपुर भेजने के लिए मार्क किए जाने के बाद सात माह तक जेई मरकाम की आलमारी में कैद रही। 'पत्रिका की पड़ताल के बाद यह मामला सामने आया तो सीएमओ पांडेय भी चौंक गए।
नगर पालिका क्षेत्र के उक्त पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए 25 दिसंबर 2019 को टेंडर जारी हुआ, लेकिन कोई भी ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं हुआ। कॉलोनीवासियों ने तत्कालीन कलेक्टर प्रवीण सिंह से मिलकर पुन: टेंडर कराए जाने की मांग किया। तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर ११ जून २०२० को री-टेंडर जारी हुआ। गैर जिले के एक ठेकेदार को टेंडर मिला। 25 जुलाई को सीएमओ नवनीत पांडेय ने तकनीकी बिड अनुमोदन के लिए फाइल मार्क कर संबंधित को अग्रिम कार्रवाई के लिए आदेश दिया। इसके बाद उपयंत्री (लोककर्म शाखा) वंदना मरकाम व सहायक ग्रेड-३ (लोककर्म शाखा) राजेश निर्मलकर ने फाइल को नगर पालिका से जबलपुर जाने के रास्ते में रोड़ा अटकाना शुरू कर दिया।
कॉलोनीवासी आनंद व उमेश जैन ने बताया कि वे जब भी इस संबंध में निर्मलकर से मिलने जाते तो वो काम होने का आश्वासन देकर उनको विदा कर देता था। इसबीच निर्धारित 120 दिवस पार होने के बाद नगर पालिका से उक्त फाइल जबलपुर भेजी गई, जहां से उसे निरस्त कर दिया गया। इस मामले की जब पड़ताल की गई तो निर्मलकर ने 10 दिसंबर को उपयंत्री मरकाम से फाइल प्राप्त होने की बात का उल्लेख फाइल में किया है। इस संबंध में जब जेई से सीएमओ ने जानकारी मांगी तो उनका कहना था कि फाइल उनकी आलमारी में थी। संबंधित वार्ड उनके क्षेत्र में नहीं आता है। कहा कि उनकी आलमारी में फाइल बाबू ने रखी थी। बाबू के 10 दिसंबर को जेई से फाइल प्राप्त होने की बात बताए जाने पर वह गोलमोल जवाब देने लगी। सीएमओ ने इस मामले के प्रकाश में आने के बाद जेई व बाबू को कड़ी फटकार लगाई है।

नोटिस जारी कर तीन दिवस में मांगा स्पष्टीकरण
सीएमओ नवनीत पांडेय ने कॉलोनीवासियों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद इस मामले में दोनों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा है कि 25 जुलाई से 10 दिसंबर तक फाइल को दबाकर रखा गया। आमजनता को परेशान किया गया। उक्त कार्य अब तक नहीं हो सका है। इसकी वजह से नगर पालिका की छवि धूमिल हुई है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उक्त महत्वपूर्ण कार्य में जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है। उक्त कृत्य अनुशासनहीनता, अक्रमणता, कार्य के प्रति उदासीनता एवं अपने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने तथा उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने की श्रेणी में आता है। इसको लेकर तीन दिवस के अंदर उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। अन्यथा आप दोनों के खिलाफ मप्र सिविल सेवा भर्ती नियम-१९६५ के उपबंधित प्रावधानों के तहत नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित किया जाएगा।

वर्जन -
इस मामले में जेई व बाबू की लापरवाही सामने आई है। दोनों को नोटिस जारी कर तीन दिवस के अंदर पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। दोनों के खिलाफ वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
- नवनीत पांडेय, सीएमओ नगर पालिका सिवनी

akhilesh thakur Bureau Incharge
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