अफसरों ने गोद लिए सरकारी स्कूल, बदलती दिख रही तस्वीर

sunil vanderwar

Publish: Dec, 07 2017 11:38:18 (IST) | Updated: Dec, 07 2017 11:52:52 (IST)

Seoni, Madhya Pradesh, India
अफसरों ने गोद लिए सरकारी स्कूल, बदलती दिख रही तस्वीर

विद्यालय की व्यवस्था, विद्यार्थियों की शिक्षा में सुधार के हो रहे प्रयास

सिवनी. जिले में स्कूल शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में स्कूल शिक्षा विभाग ने २८६५ शालाओं में प्रतिभा पर्व व ६४० में शाला सिद्धि कार्यक्रम जिले की चिन्हित सरकारी शालाओं में लागू किया है। इनमें से ३१५ चिन्हित शाला को अधिकारियों ने गोद लिया है, जहां शाला का वातावरण व शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के प्रयास हो रहे हैं।
शाला सिद्धि कार्यक्रम में चिन्हित की गई प्रत्येक शासकीय शाला की सुधार योजना तैयार की गई है। कार्यक्रम में इस वर्ष शासकीय शालाओं को स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा गोद लिया गया है। इसी शिक्षण सत्र में इन शालाओं का उन्नयन भी किया जाएगा। बुधवार को डीपीसी एवं प्रभारी डीईओ जीएस बघेल ने तिघरा, पुसेरा, मारबोड़ी व कई अन्य प्राथमिक, माध्यमिक शालाओं का निरीक्षण किया। एचएम, शिक्षकों को स्वच्छता व शिक्षा में गुणवत्ता लाने निर्देशित किया।
जिले में संकुल स्तर से जिला स्तर तक के स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा एक या दो स्कूल गोद लेकर शिक्षकों के साथ सक्रिय भागीदारी करते हुए विद्यालय मित्र के रूप में कार्य करने का संकल्प लिया गया है। प्रतिभा पर्व के पहले चरण में 7 दिसम्बर तक प्रत्येक अधिकारी द्वारा गोद ली गई शालाओं में से एक माध्यमिक शाला में कक्षा 6 और 7 के विद्यार्थियों के गणित और विज्ञान विषय का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन उसी तरह किया जाएगा जैसे राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे में किया जाता है। प्रतिभा पर्व में सरकारी विद्यालयों में बाह्य मूल्यांकनकर्ता बच्चों का मूल्यांकन कर रहे हैं। मूल्यांकन के बाद छात्रों की उत्तर पुस्तिका का स्व-मूल्यांकन कर ग्रेड निकाला जा रहा है। शाला स्तर पर ए, बी, सी ग्रेड पर तैयार की गई ओएमआर शीट का राज्य स्तर पर विश्लेषण किया जाएगा।
जिला शिक्षा केन्द्र के अंतर्गत अधिकारियों को भी शाला मित्र के रूप में चयनित शालाओं में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। तीन दिवसीय प्रतिभा पर्व मंगलवार से प्रारंभ है, इसका समापन गुरुवार को होगा। प्रतिभा पर्व के पहले और दूसरे दिन सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों से विषयवार चर्चा कर मूल्यांकन किया गया। तीसरे दिन गुरुवार को चयनित शाला में बालसभा को वार्षिक उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। वार्षिक उत्सव में बच्चों के पालकों को भी आमंत्रित किया गया है। इनकी उपस्थिति में सांस्कृतिक, साहित्यिक और खेलकूद की गतिविधियां होंगी। इसी दिन जन-प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित भी किया जाएगा।
डीपीसी ने निरीक्षण में देखी हकीकत -
डीपीसी एवं प्रभारी डीईओ जीएस बघेल ने बताया कि प्रतिभा पर्व के माध्यम से शालाओं के शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार व व्यवस्थाओं को दुरुस्त किए जाने का प्रयास हो रहे हैं। जिले के २८६५ प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं में प्रतिभा पर्व मनाया जा रहा है। इनमें से ६४० शाला सिद्धी के लिए चयनित हंै। इन चिन्हित शालाओं में ३१५ शाला सिद्धी वाली शालाओं में से जहां गणित, विज्ञान का प्रश्न पत्र हुआ है, उनमें शाला मित्र उपस्थित हुए हैं। उनके सामने मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन हुआ है। शाला मित्र के द्वारा मूल्यांकन का परिणाम ओएमआर सीट में भरकर विद्यालय की गे्रडिंग की जा रही है। गुरुवार को सभी शालाओं में बाल सभा होगी।

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