scriptDrinking water system stopped, OPD gets locked and there is water shor | पेयजल की व्यवस्था हुई ठप,ओपीडी में ताला लगने के बाद होती है पानी किल्लत | Patrika News

पेयजल की व्यवस्था हुई ठप,ओपीडी में ताला लगने के बाद होती है पानी किल्लत

locationशाहडोलPublished: Dec 11, 2023 12:24:07 pm

Submitted by:

shubham singh

जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को पेयजल के लिए होना पड़ रहा परेशान

पेयजल की व्यवस्था हुई ठप,ओपीडी में ताला लगने के बाद होती है पानी किल्लत
पेयजल की व्यवस्था हुई ठप,ओपीडी में ताला लगने के बाद होती है पानी किल्लत

शहडोल. जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। 300 बिस्तर वाले इस अस्पताल में मरीजों के लिए सिर्फ दो जगह वाटर कूलर लगाए गए हैं। जिससे पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पाती है। बदलते मौसम के कारण वायरल इन्फेक्शन से से पीडि़त मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला चिकित्सालय में हर रोज 900 से 1000 हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं। जिन्हें पेयजल के लिए काफी परेशान होना पड़ता है। अस्पताल में भर्ती मरीजों ने बताया कि ओपीडी व मेटरनिटी वार्ड के पास वाटर कूलर लगा हुआ है। दोपहर 2 बजे के बाद ओपीडी में ताला लग जाता है। जिसके बाद पानी मिलना भी बंद हो जाता है। मरीजों को पेयजल के लिए मेटरनिटी वार्ड तक जाना पड़ता है, यहां भी गंदगी व भीड़ से लोग परेशान रहते हैं। मरीजों को बॉटल लेकर यहां वहां भटकने को मजबूर होना पड़ता है।
तीन स्थानों पर बनाई गई व्यवस्था हुई ठप
पूर्व में अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों को पेयजल व निस्तार के लिए अस्पताल के पीछे ऑक्सीजन प्लांट के पास, प्राइवेट वार्ड के सामने व पुलिस चौकी के पास तीन अलग-अलग स्थानों में पानी की सुविधा बनाई थी। जो इन दिनों पूरी तरह ठप हो चुके है। अस्पताल में भर्ती मरीज व परिजन अब सिर्फ दो वाटर कूलर के भरोसे हैं। इसमें भी ओपीडी में 2 बजे के बाद ताला लग जाता है। जिसके कारण महिला व पुरुष मेडिकल वार्ड, शिशु वार्ड, सर्जिकल वार्ड, आर्थो वार्ड के मरीज व परिजनों के साथ ही ओपीडी में आए मरीजों को पेयजल के लिए काफी परेशान होना पड़ता है।
पूर्व में बनी सुविधाओंं को कर दिया बेकार
जिला अस्पताल में बीते दो वर्षों से करोड़ों रुपए की लागता से कायाकल्प का कार्य किया जा रहा है, लेकिन मरीजों को शुद्ध पेयजल के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। अस्पताल परिसर में पहले से बने पानी की सुविधाओं को कायाकल्प के दौरान क्षतिग्रस्त कर दिया गया। जिसका सुधार कार्य अभी तक नहीं किया गया। जिसके कारण पानी की समस्या और भी बढ़ गई है।

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